फोटो-23-बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में मरीज देखते चिकित्सक ।-संवाद
बलरामपुर। मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। बारिश के बाद तापमान में वृद्धि होने से मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। ओपीडी में टायफाइड के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। ऐसे में खून जांच के लिए लैब में लंबी भीड़ जुटने लगी है।
जिले में कई दिनों से बारिश व बूंदाबांदी का असर रहा। इसके बाद रविवार व सोमवार को तेज धूप निकलने से तापमान में वृद्धि देखी गई है। ऐसे में बुखार व वायरल संक्रमण वाले मरीज ज्यादा आ रहे हैं। सोमवार को जिला मेमोरियल अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की काफी भीड़ दिखी। बुखार से अधिकांश मरीज प्रभावित दिखे। ओपीडी में खड़ी कांति व अखिलेश ने बताया कि दो दिनों से बुखार है, दवा लेने आए हैं। रागिनी व सुमन ने बताया कि बुखार की दवा लेने आए थे, चिकित्सक ने खून जांच लिखा है। इसी तरह सुरेश, फरजाना व फूलमती भी चिकित्सक को दिखाने के लिए खड़ी हुई थीं। लैब में खून जांच कराने वालों की भीड़ दिखी। लैब टेक्नीशियन ने बताया कि इस समय प्रतिदिन 105-110 मरीजों के खून की जांच होती है। इसमें टायफाइड जांच अधिकांश मरीजों में लिखा होता है। सोमवार को भी 98 मरीजों का सैंपल लिया गया है। गैर संचारी रोग चिकित्साधिकारी ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि मौसम में बदलाव आया है। तेज गर्मी के बीच अचानक बारिश से उमस बढ़ी है। इससे वायरस सक्रिय हो गए हैं। बारिश के बाद की तेज धूप स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। जलभराव वाले स्थानों में बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। इस समय ओपीडी में आने वाले लोगों में बुखार के मामले सामने आ रहे हैं। लोगों को मच्छरों से बचाव का सुझाव दिया गया है। घर व आसपास क्षेत्र में मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव करने व साफ-सफाई पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। ताकि संक्रामक रोगों का प्रकोप कम हो सके।
फोटो-23-बलरामपुर के जिला मेमोरियल अस्पताल में मरीज देखते चिकित्सक ।-संवाद