बलरामपुर में खमौवा गांव में सर्वे करती स्वास्थ्य विभाग की टीम ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नियमित टीकाकरण को और प्रभावी बनाने के लिए बेसलाइन सर्वे कराया जाएगा। सर्वे के तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर दस्तक देकर शून्य डोज वाले बच्चों की पहचान करेंगी। बच्चों की पहचान के बाद उनका नियमित टीकाकरण किया जाएगा।
जिले में शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की टीकाकरण स्तर बहुत नीचे है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। प्रोजेक्ट संवर्धन अभियान के बाद अब बेसलाइन सर्वे कराया जाएगा। सर्वे का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना है जिन्हें अब तक कोई भी टीका नहीं लगा है। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों का विवरण जुटाएंगी। सर्वे में यह आसानी से पता चल जाएगा कि किन बच्चों का अब तक नियमित टीकाकरण नहीं हो पाया है।
शून्य डोज वाले चिह्नित हुए 51 स्थल
जिले में शून्य डोज वाले 51 स्थल चिह्नित किए गए हैं। इनमें बलरामपुर शहरी क्षेत्र में छह मोहल्ले व नौ ब्लॉकों की 45 ग्राम पंचायतें शामिल हैं, जहां नियमित टीकाकरण स्तर बहुत कम रहता है। इन स्थलों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर सर्वे करके शून्य डोज वाले बच्चों का आंकड़ा जुटाएगी।
तैयार की जाएगी कार्ययोजना
बेसलाइन सर्वे में प्राप्त आकड़ों के आधार पर प्रभावी कार्य योजना तैयार कर नियमित टीकाकरण कवरेज में वृद्धि की जाएगी, ताकि शत प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सके।
- डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ बलरामपुर