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Balrampur News: अधिकारियों की मनमानी बोर्ड परीक्षार्थियों को पड़ेगी भारी

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बलरामपुर। जिले में बिना मान्यता के ही इंटर तक की पढ़ाई कराने वाले प्रबंधकों की मनमानी से छात्रों की दुविधा बढ़ गई है। एक दर्जन ऐसे स्कूल चिह्नित थे, जिन्होंने अपने स्कूल से छात्रों का बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण गोंडा जनपद के स्कूलों में करा दिया। इससे तीन हजार से अधिक छात्रों को अब दूसरे जिलों में दूर केंद्रों पर परीक्षा देनी हाेगी।
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शिक्षा का इस तरह व्यावसायीकरण का खुलासा बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनने के बाद हो हुआ है। कक्षा आठ तक की मान्यता लेकर हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। अब जब परीक्षा केंद्र की सूची जारी की गई तो ऐसे परीक्षार्थियों की उलझन बढ़ गई है। अधिकारियों ने भी समय पर ध्यान नहीं दिया। अब छात्रों का परीक्षा केंद्र गोंडा जिले के साथ ही पड़ोस के बहराइच और श्रावस्ती जनपद के इंटर कॉलेजों में हो गया है। ऐसे में परीक्षार्थियों को परीक्षा देने के लिए 50 से 60 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा। (संवाद)
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साल भर में पकड़े गए कई बिना मान्यता के स्कूल
डीआईओएस गोविंद राम ने गत अक्तूबर माह में सन राईज पब्लिक स्कूल सोनपुर, विकास शिक्षण संस्थान बुद्धनगर सहित कई स्कूल का निरीक्षण किया था। इसी तरह खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पाठक ने गत नवंबर माह में एमएसडी पब्लिक स्कूल जुआथान, न्यू पब्लिक मांटेसरी स्कूल रतनपुर, स्टार पब्लिक स्कूल जुआथाना व नंदनी शिक्षण सेवा संस्थान श्रीनगर जुआथान का निरीक्षण किया था। इसी तरह गैसड़ी, हरिहरगंज, कोड़री, मिर्जापुर, गांगनार, बलुआमोड़ रमईडीह, दुबौलिया रामपुर बनघुसरा तथा नगर क्षेत्र में भी तमाम विद्यालय मान्यता से अधिक कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान इन स्कूलों की मान्यता कक्षा पांच अथवा आठ तक पाई गई लेकिन संचालन हाईस्कूल तक की कक्षाओं का किया जा रहा है। इनके खिलाफ नोटिस काटने तक ही कार्रवाई सीमित रही।
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छात्रों के सामने बढ़ी समस्या, दूसरे जिले में होगी परीक्षा
यूपी बोर्ड परीक्षा 2024 का केंद्र घोषित हो चुका है। परीक्षा केंद्र घोषित होने के बाद छात्रों को अपने केंद्र की जानकारी हुई। जुआथान के पास स्कूल तथा अपना नाम न बताने की शर्त पर कुछ छात्रों ने बताया कि पहले तो हम लोगों को आस-पास के क्षेत्रों में ही परीक्षा दिलाने के लिए कहा गया था। अब हम लोगों का सेंटर गोंडा चला गया है। परीक्षा देने के लिए हमें 50 से 60 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ेगा। इसी तरह अन्य छात्रों ने बताया कि उनका परीक्षा केंद्र तो जिले में ही बना है लेकिन घर से परीक्षा केंद्र की दूरी 20 से 30 किलोमीटर है। अब हम लोगों परीक्षा कैसे देंगे, किराए पर घर लेना होगा।
लगातार चलाया जा रहा अभियान
डीआईओएस गोविंद राम के अनुसार, फर्जी स्कूलों के खिलाफ पूरे साल अभियान चलाया गया। मान्यता से अधिक से अधिक कक्षाओं का संचालन मिलने पर संबंधित के खिलाफ नोटिस देकर कार्रवाई भी की गई। अभिभावकों को भी चाहिए कि एडमिशन के पहले स्कूलों की मान्यता आदि के बारे में विधिवत जानकारी कर लें।
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