फोटो-31-बलरामपुर के कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते थारू समाज के लोग ।-स्रोत : संगठन
बलरामपुर। फर्जी अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र बनाए जाने के विरोध में मंगलवार को थारू समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में बसे थारू समाज के लोग करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपकर अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्रों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव का पुतला भी फूंका।
थारू कल्याण समिति के संरक्षक धनीराम चौधरी ने आरोप लगाया कि दूसरे समुदाय के कुछ लोग कथित रूप से फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति के प्रमाणपत्र बनवाकर जनजातीय समाज के लिए निर्धारित अधिकारों और सुविधाओं का लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुशीनगर और देवरिया में भी ऐसे कई मामलों की शिकायत की गई है और कुछ प्रमाणपत्र निरस्त कराए जा चुके हैं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से प्रमाणपत्र जारी किए जाने के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए और उन्हें पद से हटाने अथवा बर्खास्त करने की मांग की। मूल आदिवासी जन कल्याण संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बहादुर चौधरी ने रामकोला विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक विनय प्रकाश गोंड पर भी कथित फर्जी अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र के आधार पर विधायक बनने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
पुतला फूंकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के प्रयास के दौरान दोनों पक्षों में हल्की झड़प भी हुई। इस अवसर पर बलराम प्रसाद, परमेश्वर प्रसाद, राधेश्याम, धर्मराज, विंदेश्वरी प्रसाद, कमलेश कुमार चौधरी, अमित कुमार, श्याम लाल और विवेक कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।