बलरामपुर। कश्मीर के रियासी जिले में आतंकी हमले में जान गंवाने वाली रूबी व अनुराग का शव बुधवार की रात पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया। हर किसी की आंखें नम थी। सभी की जुबां पर आतंकियों के प्रति गुस्सा था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गमजदा गांव में शोक के कारण घरों के चूल्हे नहीं जले।
कांदभारी गांव में बुधवार की रात करीब 11 बजे जैसे ही रूबी का शव पहुंचा, वहां कोहराम मच गया। हर तरफ चीख-पुकार की आवाज आ रही थी। शव से लिपटकर परिजन रो रहे थे और पड़ोसी व रिश्तेदार उनको संभाल रहे थे। बड़ी बहन अंजली बदहवासी की हालत में थी। वह बीच-बीच में बेहोश भी हो जा रही थी। मां विमला देवी बिलख-बिलख कर रो रही थी। बस एक ही बात उनकी जुबां पर थी, कि यह क्या हो गया। बिटिया उठ जाव, भैया बुलावत हय। मां के दर्द को देख कर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई। परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पूरा गांव इकट्ठा था। बृहस्पतिवार की सुबह करीब सात बजे रूबी का गांव के श्मसान घाट पर नम आंखों से गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
वहीं, आतंकी घटना में मृतक अनुराग वर्मा का शव बुधवार की रात नया नगर बनकटवा पहुंचने के बाद पूरा गांव शोक में डूब गया। हर किसी की आंखें नम थी। चेहरे पर आतंकियों के प्रति गुस्सा था। घटना में घायल पिता राजितराम व मां शारदा देवी बेटे की मौत के गम में बिलख बिलख कर रो रहे थे। वहीं, बहन मोहिनी का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वह बेहोश हो जा रही थी। हालांकि रात में ही गांव में मृतक अनुराग के शव का अंतिम संस्कार किया गया। शोक के कारण दोनों गांवों में मातम पसरा रहा। घरों के चूल्हे नहीं जले।
ग्रामीण बोले, आतंकियों के खिलाफ हो कार्रवाई
- गांव निवासी दयाशंकर ने कहा कि कहीं न कहीं सुरक्षा में चूक होने से यह घटना हुई है। आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाय। साथ ही कम से कम 50 लाख का मुआवजा मृतकों के परिजनों को दिया जाय। पड़ोसी राजेंद्र का कहना है कि आतंकवाद को सरकार जड़ से खत्म करें। बच्चाराम का कहना था कि सरकार को आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। बुधराम ने कहा कि आतंकवाद को लेकर सरकार को सख्त रवैया अपनाना चाहिए।
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ग्रामीणों ने मुआवजा राशि बढ़ाने की उठाई मांग
- नया नगर बनकटवा गांव में अनुराग का शव पहुंचते ही ग्रामीणों ने अहेतुक सहायता बढ़ाने की मांग शुरू कर दी। हालांकि प्रशासन की टीम ने लोगों को समझा बुझाकर उचित मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया। एसडीएम उतरौला अवधेश कुमार, तहसीलदार शैलेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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प्रशासन ने शवों को लाने के लिए बनाया था कारीडोर
- जम्मू कश्मीर से शव गोंडा पहुंचने के बाद घर तक लाने के लिए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए थे। डीएम अरविंद सिंह के निर्देशन में एसडीएम व सीओ की टीम गोंडा रेलवे स्टेशन पर पहले से ही तैनात थी। वहां से शव व घायलों को बलरामपुर लाने के लिए अलग से कारीडोर बनाया गया था ताकि रास्ते में किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो।
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गांव पहुंचे सांसद व विधायक
- हादसे की सूचना मिलने के बाद श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने गांव पहुंचकर पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की। सदर विधायक पल्टूराम प्रशासन की टीम के साथ गोंडा से शव लेकर गांव पहुंचे। परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। बृहस्पतिवार को अस्पताल पहुंचकर घायलों से भी मिले। उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा ने भी मृतकों के परिजनों से मुलाकात की।
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क्या था मामला
- 9 जून को शाम 6 बजे आतंकियों ने शिवखोड़ी से कटरा जा रही बस पर फायरिंग कर दी थी। इसमें चालक की गोली लगने से बस का संतुलन बिगड़ गया और बस गहरी खाई में गिर गई, जिसमें 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इनमें कांदभारी निवासी रूबी (20) व नया नगर बनकटवा गांव निवासी अनुराग (15) की भी मौत हो गई थी। साथ ही छह लोग घायल हो गए थे।