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खरझार पहाड़ी नाले के बाढ़ में बहा किशोर, लापता

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बलरामपुर। बीते दो दिनों की बारिश से राप्ती नदी व पहाड़ी नालों ने कहर मचाना शुरु कर दिया है। खरझार पहाड़ी नाले के बाढ़ के तेज बहाव में एक किशोर बह गया। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम किशोर की तलाश में जुट गई है।
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कौवापुर से बलरामपुर जाने वाला संपर्क मार्ग खरझार पहाड़ी नाले के तेज बहाव में बह गया है जिसके चलते क्षेत्र के डेढ़ लाख लोगों का आवागमन ठप हो गया है। राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है जो चेतावनी बिंदु से 17 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है जिसके चलते निचले इलाकों में कटान तेज हो गई है।
थाना महाराजगंज तराई के धौराहरी गांव के पास बने डिप पर खरझार पहाड़ी नाले से आए बाढ़ के पानी में अहमद रजा (14) सोमवार को नहा रहा था। अचानक गहरे पानी में जाने से अहमद रजा पहाड़ी नाले के तेज बहाव में बह गया। ग्रामीणों ने प्रभारी निरीक्षक पीएन तिवारी को सूचना दी।
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मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से अहमद रजा की तलाश कराई। अहमद रजा का पता न चलने पर प्रभारी निरीक्षक ने घटना की सूचना एसडीआरएफ को दी। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ग्रामीणों की मदद से अहमद रजा की तलाश में जुटी हुई है।
समाचार लिखे जाने तक अहमद रजा का कोई पता नहीं चल सका। खरझार पहाड़ी नाले में आए बाढ़ के पानी से कौवापुर से बलरामपुर जाने वाला संपर्क मार्ग कट गया है। कौवापुर रेलवे स्टेशन के पास एक साल से पुल का बाईपास निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण पूरा न होने से आधा अधूरा था।
ग्रामीण एनुल हुदा, बाबूलाल, नंद कुमार, चांदबाबू, लल्लू व अब्दुुल हई आदि ने बताया कि निर्माण कार्य धीमी गति से होने के चलते संपर्क मार्ग बह गया है। यदि समय से निर्माण करा दिया जाता तो संपर्क मार्ग पर लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती। क्षेत्र के करीब डेढ़ लाख लोगों को इसी मार्ग से आवागमन करना पड़ता है जिनका आवागमन पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुका है।
दो व चार पहिया वाहनों का आवागमन ठप है। तुलसीपुर एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने बताया कि संबंधित विभाग को सूचना दी गई है। जल्द ही सड़क व पुल का निर्माण कराया जाएगा। क्षेत्र के लोग बल्ली-पटरा लगाकर सड़क पर जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे है जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना घट सकती है। सिसई घाट के स्किल वर्क असिस्टेंट मेराज ने बताया कि राप्ती नदी का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है।
चेतावनी बिंदु 103.62 मीटर के सापेक्ष 103.79 मीटर राप्ती का जलस्तर हो गया है जो 17 सेंटीमीटर ऊपर है। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में कटान तेज हो गई है। सदर व उतरौला तहसील के 30 से अधिक गांवों के आसपास राप्ती कटान करके कहर बरपा रही है।
किसानों व कटान प्रभावित पीड़ितों ने शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के बाढ़ और कटान पर नजर रखी जा रही है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लोगों की मदद कर रही है। कलेक्ट्रेट व जिले के तीनों तहसीलों में संचालित कंट्रोल रूम पर मिलने वाली शिकायतों का तत्काल निस्तारण कराया जा रहा है। कटान व बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व निरीक्षकों व हल्का लेखपालों को मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है।
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