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Balrampur News: टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

सार

बलरामपुर में विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में न्यायालय के हालिया आदेश का विरोध किया गया। शिक्षकों ने इसे त्रुटिपूर्ण और अन्यायपूर्ण बताते हुए केंद्र से स्पष्टीकरण की मांग की। निर्णय के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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बलरामपुर के नार्मल स्कूल प्रांगण में प्रधानमंत्री को पत्र भेजते ​शिक्षक ।-स्रोत : संगठन
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विस्तार
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बलरामपुर। नार्मल स्कूल प्रांगण में बृहस्पतिवार को विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक हुई। बैठक के बाद शिक्षकों ने प्रधानमंत्री, शिक्षामंत्री व सचिव स्कूल शिक्षा को पत्र भेजकर न्यायालय के आदेश को त्रुटिपूर्ण बताते हुए विरोध जताया।
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प्रांतीय महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि इस आदेश से प्रदेश के करीब दो लाख और देश के लगभग बीस लाख शिक्षक असमंजस और भय में हैं। जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार शुक्ला ने कहा कि 23 अगस्त 2010 की गाइडलाइन से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं था। ऐसे में 15 से 25 साल सेवा दे चुके शिक्षकों पर यह नियम थोपना अन्याय है। जिला महामंत्री तुलाराम गिरी ने इसे काला कानून करार देते हुए कहा कि नियुक्ति के समय शिक्षकों ने सभी न्यूनतम योग्यता पूरी की थी। अब इस निर्णय का कोई औचित्य नहीं है। अगर केंद्र सरकार ने जल्द ही अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया तो शिक्षक समाज व्यापक आंदोलन को मजबूर होगा। इस अवसर पर धर्मेंद्र कुमार शुक्ला, मसूद आलम अंसारी, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, चंद्रेश मिश्रा, विनोद चौहान व डॉ. उत्तम चंद गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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