बलरामपुर। जिले में कम छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों को बंद करने या अन्य स्कूलों में विलय किए जाने के विरोध में शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।
शिक्षकों ने ज्ञापन में कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अनुसार प्रत्येक बच्चे को उसके घर से एक किलोमीटर के दायरे में प्राथमिक विद्यालय और तीन किलोमीटर के दायरे में उच्च प्राथमिक विद्यालय की सुविधा मिलनी चाहिए। ऐसे में गांव-गांव में संचालित विद्यालयों को सिर्फ छात्र संख्या के आधार पर बंद करना बच्चों के अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। संघ पदाधिकारियों ने तर्क दिया कि विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम होने के पीछे कई प्रशासनिक और सामाजिक कारण हैं। जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह, बैजनाथ, अनुपम, अखिलेश, रमजान अली सहित कई शिक्षक मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार से मांग की कि विद्यालयों की स्थिति सुधारने पर ध्यान दिया जाए, न कि उन्हें बंद कर शिक्षा से वंचित बच्चों की संख्या बढ़ाई जाए।