बलरामपुर। छात्रों से पहले शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और तकनीकी कौशल में दक्ष बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके चलते ही डायट में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन शुक्रवार को प्रमाणपत्र वितरण के साथ हुआ। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले यह शिक्षक अब विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), कोडिंग और डिजिटल लिट्रेसी की पढ़ाई कराएंगे। कार्यशाला में गैसड़ी, पचपेड़वा, तुलसीपुर व शिवपुरा के 100 शिक्षकों ने हिस्सेदारी कर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए डायट प्राचार्य हिफजुर्रहमान ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत पहली बार विज्ञान विषय में डिजिटल लिटरेसी, कोडिंग, कंप्यूटेशनल थिकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम शामिल किया गया है। निजी स्कूलों को टक्कर देने के लिए छात्रों को विज्ञान में कंप्यूटर के बेसिक ज्ञान के साथ एडवांस जानकारी भी दी जाएगी। डिजिटल लिटरेसी पाठ्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में डिजिटल की जानकारी व बदलते परिदृश्य में हो रहे तकनीकी परिवर्तन की जानकारी प्रदान करना है। प्रशिक्षण प्रभारी पवन कुमार वर्मा ने कहा कि शिक्षकों को जो प्रशिक्षण दिया गया है, वह आगामी शिक्षण सत्र में छात्रों को जानकारी देंगे। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को कंप्यूटर में कोडिंग करने का तरीका भी बताया गया।