एसपी ने बताया कि अनिरुद्ध, निवासी जनपद बाराबंकी और हिमांशु मिश्र निवासी लालीपुर हुसैनगंज कला जनपद अमेठी को साइबर सेल व कोतवाली नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से दो मोबाइल, तीन आधार कार्ड, पांच बैंक पासबुक, सिम और एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में अनिरुद्ध ने बताया कि वह पहले एक डेयरी में काम करता था। वहीं उसकी पहचान हिमांशु से हुई। हिमांशु ने उसे बताया कि फर्जी आधार और पते के आधार पर बैंक खाते खुलवाकर भारी कमीशन कमाया जा सकता है।
दोनों ने मिलकर कई बैंक खाते, आधार लिंक सिम और इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड उपलब्ध कराए। इन खातों में विदेशी कंपनियों से करोड़ों की ठगी का पैसा ट्रांसफर कराया जाता था, जिसे बाद में क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भेजा जाता था। अनिरुद्ध ने बताया कि उसने अब तक करीब छह खाते गिरोह को उपलब्ध कराए हैं।
पुलिस के अनुसार हिमांशु फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और नए लोगों को गिरोह से जोड़ने का काम करता था। हर ट्रांजेक्शन पर इन्हें तय कमीशन मिलता था। कमीशन की रकम अक्सर हजारों से लाखों रुपये तक होती थी। दोनों ने यह भी बताया कि गिरोह में कई और लोग शामिल हैं, जो देशभर में फैले हुए हैं।
एसपी ने बताया कि आरोपितों से पूछताछ में कई अहम जानकारी सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के तार नेपाल और अन्य देशों तक फैले होने की आशंका है। पुलिस दोनों से मिले इनपुट के आधार पर और लोगों की तलाश में जुटी है।