बलरामपुर। किसानों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों पर गन्ना पर्चियां भेजी रही हैं। किसानों को समितियों व चीनी मिलों का अब चक्कर काटने जरूरत नहीं है। किसानों को घर बैठे मोबाइल मेसेज से गन्ने की पर्चियां मिल रही हैं।
गन्ने की तौल कराने के लिए किसानों को भरपूर अवसर भी दिए जा रहे हैं। एक पर्ची से तौल कराने के लिए किसानों को अब चार अवसर प्राप्त होंगे। गन्ना तौल कराने वाले लाइन में लगे किसानों को 72 घंटे की वैधता अवधि बीत जाने के बाद भी उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुश्वाहा ने सोमवार को बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस कार्यक्रम के तहत किसानों के गन्ना बेचने संबंधी समस्याओं का सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से ठोस निराकरण किया जा रहा है।
सभी किसानों के लिए पहली बार ऐसी व्यवस्था की गई है कि गन्ना किसान की हॉयल पर्चियां बेकार न जाएं। किसानों को समिति के दफ्तरों व मिलों का चक्कर न काटना पड़े। किसान अपने सभी गन्ने की आपूर्ति सुगमता से कर सकें।
यदि किसी किसान की कोई पर्ची निर्धारित समय में तौल न कराने के कारण हॉयल हो गई है तो उसी क्रमांक की पर्ची सात दिन बाद ईआरपी के माध्यम से स्वत: रिवेलिडेट होकर पुन: किसानों को मिल जागी जिसे पर एच अंकित होगा।
यदि पुन: किसान रिवेलिडेट पर्ची पर निर्धारित समय में तौल नहीं करा पाएंगे तो उसी क्रमांक की पर्ची तीसरी बार रिवेलिडेट होकर पुन: किसानों को प्राप्त होगी जिसे पर किसान अपना गन्ना बेच सकते हैं।
यदि तीसरी बार भी किसान गन्ने की तौल नहीं करा पाते हैं तो किसान की पर्ची निरस्त न हो इसके लिए यह व्यवस्था की गई है कि उस पर्ची को किसान के मुख्य कैलेंडर के अंतिम पक्ष में एक से 15 कॉलम तक लगाया जाएगा।
किसान की हॉयल पर्ची किसी भी दशा में बेकार नहीं जाएगी और उसे गन्ना तौल के लिए चार अवसर दिए जाएंगे। रजिस्टर्ड मोबाइल पर एसएमएस पर्ची किसानों को रियल टाइम में मिल रही है। खोने, धुलने व फटने और गलत हाथों में पहुंचने की भी संभावना नहीं है।