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कृषि कानून के विरोध में उतरे सपा और किसान संगठन

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बलरामपुर। कृषि विधेयक को लेकर समाजवादी पार्टी व किसान संगठनों ने सोमवार को सड़क पर उतर आए और जमकर हंगामा काटा। धारा 144 लागू होने के बावजूद आंदोलन के लिए सड़क पर उतरे समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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सपा कार्यालय व घरों में भी पदाधिकारियों को पूरे दिन नजरबंद रखा गया। आंदोलन को देखते हुए तमाम किसान नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया। किसान नेताओं ने घर पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर किसान विरोधी कृषि विधेयक को वापस लिए जाने की मांग की।
पूर्व मंत्री डॉ. एसपी यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मोहल्ला पहलवारा स्थित शिविर कार्यालय से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट के लिए निकले।
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धारा 144 लागू होने के कारण रास्ते में ही पुलिस ने सभी सपा नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। पूर्व मंत्री ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि सरकार ने अंबानी व अडानी जैसे पूंजीपतियों के इशारे पर कृषि विधेयक तैयार किया है।
इस काले कानून के लागू होने से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल पाएगा। किसानों की जमीनों पर पूंजीपति कब्जा कर लेंगे। ऐसे काले कानून को समाजवादी पार्टी किसी भी दशा में लागू नहीं होने देगी।
पूर्व मंत्री के साथ पूर्व विधायक मशहूद खां, ब्लॉक प्रमुख तुलसीपुर शफीक अहमद, पूर्व जिलाध्यक्ष ओंकार नाथ पटेल, शफीलउल्ला खां, जिला पंचायत सदस्य डॉ. भानू तिवारी, रवींद्र प्रताप सिंह तोप, वसीम खां, दिनेश प्रताप सिंह मोनू, विजय यादव व शत्रुहन प्रसाद आदि को गिरफ्तार कर पुलिस लाइन लाया गया।
इसी तरह पूर्व विधायक जगराम पासवान को समर्थकों के साथ भैसहवा घाट के पास गिरफ्तार किया गया। पूर्व विधायक अनवर महमूद को पुलिस ने हाउस अरेस्ट करते हुए बाहर नहीं निकलने दिया।
इसी तरह सपा कैंप कार्यालय में मौजूद इकबाल जावेद, महबूब आलम खां, विनोद कुमार यादव, संजय मोदी, आरके गुप्ता, ब्लॉक प्रमुख लकी खां, अंकित सूर्यवंशी, आदिल हुसैन, मोहसिन इदरीस खां व राधेश्याम सहित तमाम सपाइयों को नजरबंद रखा गया।
पीएम के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा
कृषि विधेयक के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बना रहे किसान नेताओं को प्रशासन ने सोमवार की सुबह से लेकर देर शाम तक नजरबंद रखा। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट के जिलाध्यक्ष बृजेश विश्वकर्मा ने घर पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में किसान विरोधी तीनों कृषि विधेयक को वापस लिए जाने, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दिए जाने तथा बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान ब्याज सहित किए जाने की मांग की गई है।
ज्ञापन सौंपते समय समय सियाराम विश्वकर्मा, गौतम प्रसाद ओझा व राम सनेही साहू आदि मौजूद रहे। ग्राम कुशमौरा रेहरा बाजार स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट किए गए भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष हृदयराम वर्मा ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रभारी निरीक्षक पारस प्रसाद को सौंपा।
ज्ञापन सौंपते समय शिव कुमार वर्मा, राजू पाठक व वेद प्रकाश उपाध्याय आदि मौजूद रहे। इसी तरह उतरौला में किसान क्रांति यूनियन के जिलाध्यक्ष खलील शाह के नेतृत्व में किसान नेताओं ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी एके गौड़ को सौंपा।
किसान नेताओं ने कृषि विधेयक को वापस लिए जाने, गेहूं व धान सहित सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने के लिए गारंटी अधिनियम बनाए जाने, किसानों को अपने उत्पाद का मूल्य स्वयं निर्धारित करने का अधिकार दिए जाने तथा किसानों का आर्थिक शोषण बंद किए जाने की मांग की गई है।
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इस अवसर पर बच्छराम वर्मा, संतराम यादव, राम उजागर वर्मा, राम विलास वर्मा, राम बहादुर भारती, बड़ेलाल पांडेय व धर्मराज यादव आदि मौजूद रहे।
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