बलरामपुर के तुलसीपुर में संस्कृत विद्यालय का टूटकर गिरा प्लास्टर ।
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तुलसीपुर। जहां बच्चों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिलनी चाहिए, वहीं बारिश के दिनों में उन्हें टपकती छतों के नीचे बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। रोज प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। श्रीराधा कृष्ण संस्कृत माध्यमिक विद्यालय परिसर व हॉस्टल में रह रहे 160 विद्यार्थी हमेशा डर के साये में रहकर जैसे-तैसे पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
श्रीराधा कृष्ण संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थी हर बार बारिश के मौसम में जान हथेली पर लेकर कक्षाओं में बैठते हैं। पढ़ते के समय सब डरे-सहमे से दिखते हैं कि पता नहीं कब छत से पानी टपकने लगे या प्लास्टर टूटकर उन पर गिर पड़े। यह विद्यालय पहले देवीपाटन रोड स्थित जुगलीपुर में संचालित होता था, लेकिन देवीपाटन मंदिर कॉरिडोर, ओवरब्रिज निर्माण और सड़क चौड़ीकरण परियोजना के चलते जिला प्रशासन ने इसे स्वतंत्र भारत इंटर कॉलेज के खेल मैदान के पास स्थित जिला पंचायत के भवन में अस्थायी रूप से स्थानांतरित कर दिया था।
अस्थायी व्यवस्था अब बच्चों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। बारिश होते ही भवन की छत पर पानी भर जाता है। कुछ ही देर में यह पानी कमरों में टपकने लगता है। कई स्थानों पर छत का प्लास्टर भी टूटकर गिर रहा है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। पढ़ाई के दौरान छात्र लगातार छत की ओर देखते रहते हैं और शिक्षक भी किसी अनहोनी की आशंका से चिंतित रहते हैं।
प्रधानाचार्य अनिल कुमार द्विवेदी ने बताया कि भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कई बार संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा की है। सहायक अध्यापक अनिरुद्ध कुमार पांडे और अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बारिश थमने के बाद शिक्षक और छात्र खुद छत पर चढ़कर घंटों झाड़ू लगाकर जमा पानी हटाते हैं, ताकि कमरों में पानी टपकना बंद हो सके।
इसके बाद ही किसी तरह कक्षाएं संचालित हो पाती हैं। अभिभावकों में भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। विद्यालय प्रबंधन ने तहसील और जिला प्रशासन से भवन की तत्काल मरम्मत कराने या सुरक्षित वैकल्पिक भवन उपलब्ध कराने की मांग की है।