बलरामपुर। आईएससी एवं आईसीएसई बोर्ड की इंटरमीडिएट व हाईस्कूल का परीक्षा परिणाम घोषित होते ही विद्यार्थी खुशी से चहक उठे। मेधावियों के हौसलों को पंख लग गए। हौसलों की उड़ान ऐसी कि कोई सॉफ्टवेयर इंजीनियर तो कोई साइंटिस्ट बनकर देश की सेवा करना चाहता है। वहीं कुछ मेधावी डॉक्टर बनकर मरीजों की सेवा का सपना पूरा करना चाहते हैं। इंटरमीडिएट के मेधावी जेईई मेंस व नीट की तैयारी में जुट गए हैं। वहीं हाईस्कूल के विद्यार्थी भी भविष्य संवारने के लिए मनपसंद विषय लेकर इंटरमीडिएट की पढ़ाई करेंगे। मेधावियों का कहना है कि कठिन परिश्रम, समय प्रबंधन, पाठ्यक्रम के निरंतर अभ्यास एवं लक्ष्य के अनुरूप पढ़ाई करने से सफलता अवश्य मिलती है।
आईएएस अफसर बनकर करूंगी देश सेवा
आईएससी बोर्ड इंटर की परीक्षा में जिले की टाॅपर रहीं हर्षिका सिंह के पिता अनिल पाल सिंह किसान एवं माता वीना सिंह गृहिणी हैं। हर्षिका आईएएस बनकर अपने माता-पिता के सपने को साकार करने के साथ ही देश की सेवा करना चाहती हैं। इनका कहना है कि कठिन परिश्रम एवं लक्ष्य के अनुरूप पढ़ाई करके सफलता पाई जा सकती है।
साॅफ्टवेयर इंजीनियर बनना है सपना
आईएससी बोर्ड इंटर की परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान हासिल करने वाले सक्षम श्रीवास्तव के पिता विनीत श्रीवास्तव शिक्षक व माता बबिता श्रीवास्तव गृहिणी हैं। सक्षम ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों और शिक्षकों को दिया है। वह साॅफ्टवेयर इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। इनका मानना है कि नियमित पढ़ाई और कठिन परिश्रम से सफलता अवश्य मिलती है।
साइंटिस्ट बनकर देश के विकास में देंगे योगदान
परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल करने वाले सूर्य प्रताप सिंह के पिता समरजीत सिंह कृषक एवं माता नीरज सिंह गृहिणी हैं। सूर्य प्रताप सिंह साइंटिस्ट बनकर देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता एवं गुरुजनों को दिया है। इनका कहना है कि लक्ष्य तय कर पांच से छह घंटे पढा़ई करके सफलता हासिल की है।
वैज्ञानिक बनकर नए-नए आविष्कार करना चाहते हैं कृतिक
आईसीएसई बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा में जिला टॉप करने वाले कृतिक सिंधी के पिता पंकज सिंधी व चाचा अमित सिंधी जिले के बड़े व्यवसायी हैं। कृतिक वैज्ञानिक बनकर नए-नए आविष्कार करके देश को विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान करना चाहते हैं। उनकी सफलता पर बहन रितिका सिंधी सहित सभी परिजनों ने हर्ष जताया है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं प्रखर
हाईस्कूल की परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल करने वाले प्रखर आयूष के पिता सत्येंद्र मिश्र बलरामपुर चीनी मिल में इंजीनियर एवं माता जिज्ञासा मिश्र गृहिणी हैं। प्रखर साॅफ्टवेयर इंजीनियर बनकर कंप्यूटर में अलग-अलग एप तैयार करना चाहते हैं। प्रखर का कहना है कि पाठ्यक्रम का नियमित अभ्यास एवं पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों को कई बार हल करके परीक्षा में बेहतर अंक हासिल किए जा सकते हैं।
कंप्यूटर के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल करना लक्ष्य
आईसीएसई बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा में तीसरा स्थान हासिल करने वाली प्रिया श्रीवास्तव के पिता पंकज श्रीवास्तव शिक्षक एवं मा वंदना श्रीवास्तव गृहिणी हैं। प्रिया ने अपनी सफलता का श्रेय परिजनों व शिक्षकों को दिया है। प्रिया साॅफ्टवेयर इंजीनियर बनकर कंप्यूटर के क्षेत्र में नया मुकाम हासिल करना चाहती हैं।