बलरामपुर। इस्लाम में शिक्षा का बहुत महत्व है। कुरान-ए-पाक की पहली आयत में ही पढ़ाई के लिए कहा गया है, इसलिए सभी लोग अपने बेटे और बेटियों में फर्क न करते हुए उन्हें दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा से जरूर जोड़े। शिक्षा ही कौम व मुल्क की तरक्की का जरिया बन सकता है।
यह बातें मंगलवार रात नगर स्थित जामिया अरबिया अनवारूल कुरान अरबी डिग्री कॉलेज में बुधवार को आयोजित दस्तारबंदी (दीक्षांत) समारोह को संबोधित करते हुए अल जामियातुल अशर्फिया मुबारक अली यूनिवर्सिटी के संरक्षक अजीजे मिल्लत मौलाना अब्दुल हफीज ने कही। कहा कि कौम व मुल्क की तरक्की के लिए मां-बाप अपने फालतू खर्चों को बंद करके बच्चों को अच्छी शिक्षा जरूर दिलाएं।
मौलाना मोहम्मद नईम व मौलाना कमाल अख्तर ने कहा कि हमारे मुल्क में अनगिनत ऐसे इस्लामी शिक्षण संस्थान हैं, जहां पर दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा दिलाई जाती है। तुलसीपुर से आए मुफ्ती अब्दुल सलाम ने कहा कि शिक्षा ही ऐसी ताकत है, जिसे आप से कोई भी छीन नहीं सकता है। शिक्षा हासिल करने वाले को न तो कोई ठग सकता है, और न उसे गलत साबित कर सकता है। अनवारूल कुरान अरबी डिग्री कॉलेज के प्रबंधक डॉ. इकबाल अहमद व प्राचार्य मौलाना मसीह अहमद कादरी ने बताया कि इस साल कॉलेज से फाजिल के 20, आलिम के 28, हाफिज के 40 व कारी के 58 छात्रों ने अपनी शिक्षा पूरी की है। इन सभी 146 छात्रों को मुख्य अतिथि ने गाउन, माला व साफा पहनाकर तथा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
समारोह की शुरुआत कारी इकरार अहमद ने कुरान-ए-पाक की तिलावत से की। कार्यक्रम के अंत में गोंडा से आए शायरे इस्लाम असलम गोंडवी व जाहिद बलरामपुरी ने नात-ए-पाक पढ़ी। इस मौके पर मौलाना अब्दुल कय्यूम, मौलाना आमान हसन, शाहिद खां, मौलाना शब्बीर अहमद, मौलाना नूर अहमद व जमील आदि मौजूद रहे।