बलरामपुर। सुआंव नदी के कायाकल्प, जीर्णोद्धार और विकास के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नदी संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर चर्चा की गई। बैठक में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और नदी के प्राकृतिक स्वरुप को पुनर्स्थापित करने के लिए कई निर्णय लिए गए।
डीएम ने कहा कि सुआंव नदी के उद्गम स्थल गोपियापुर से अंतिम छोर तक एक्टिव फ्लड प्लेन जोन का वैज्ञानिक एवं तकनीकी आधार पर निर्धारण कराया जाए। इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह, जलधारण क्षमता और पर्यावरणीय सुरक्षा को लंबे समय तक संरक्षित रखा जा सकेगा। कटरा शंकरनगर व रसूलाबाद क्षेत्र में नदी की री-चैनलिंग के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार किया जाए। कई स्थानों पर नदी का प्रवाह बाधित होने और जलभराव की समस्या सामने आती है, इसलिए नदी की धारा को व्यवस्थित और सुचारु बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। नदी के दोनों किनारों पर बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए वन विभाग सहित अन्य विभागों के समन्वय से कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट एक्शन प्लान तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया गया। वर्षा जल संरक्षण, मिट्टी कटाव की रोकथाम और भूजल संवर्धन के लिए यह योजना बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान में जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजन की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों में नदी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ सके। बैठक में सीडीओ हिमांशु गुप्ता, एडीएम ज्योति राय आदि मौजूद रहे।