बलरामपुर। बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े जिले के 651 कंपोजिट व उच्च प्राथमिक स्कूलों में मनुष्य के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा आवश्यक विषय पर मातृ भाषा में मंगलवार को छात्र-छात्राओं की भाषण प्रतियोगिता कराई गई।
कार्यक्रम के अंत में सभी स्कूलों की तरफ से प्रथम विजेता वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। जिले के इन सभी स्कूलों में 27 फरवरी तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से गतिविधियां कराने का निर्देश दिया गया है।
बीएसए डॉ. रामचंद्र ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस की गतिविधियां जिले के 395 कंपोजिट व 256 उच्च प्राथमिक स्कूलों में 21 फरवरी से कराई जा रही है। मातृ भाषा हमें राष्ट्रीयता से जोड़ती है।
मातृ भाषा से सभी लोगों में देश प्रेम की भावना विकसित होती है। पहले दिन 21 फरवरी को सभी स्कूलों में छात्र-छात्राओं की मातृ भाषा में कविता पाठ कराई गई। प्रार्थना सभा के दौरान 22 फरवरी को सभी स्कूलों में मौजूद छात्र-छात्राओं को मातृ भाषाओं के बारे में जानकारी दी गई।
सभी स्कूलों में मनुष्य के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा आवश्यक विषय पर 23 फरवरी को मातृ भाषा में भाषण प्रतियोगिता कराकर प्रथम स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। 24 फरवरी को हमारी भाषा संस्कृति पर लेख प्रतियोगिता, 25 फरवरी को कम से कम तीन भाषाओं में पढ़ने व लिखने की प्रतियोगिता का आयोजन कराकर प्रत्येक स्कूल में कम से कम दो-दो विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कराने का निर्देश दिया गया है।
सभी कंपोजिट व उच्च प्राथमिक स्कूलों में 26 फरवरी को चित्रकला और 27 फरवरी को भाषा पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराने का दायित्व शिक्षकों को सौंपा गया है। इन कार्यक्रमों के दौरान सभी स्कूलों के हेडमास्टरों को शिक्षाविद्, संभ्रांत नागरिकों, स्थानीय खिलाड़ियों और समाज सेवियों के हाथों छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कराकर बीएसए कार्यालय को फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।