जिले की नेपाल सीमा पर चीनी टेंट लगाकर निगहबानी करते नेपाली प्रहरी।
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बलरामपुर। चीन की कूटनीतिक चाल के चलते भले ही भारत व नेपाल के सरकारी रिश्तों में खटास आई लेकिन एक-दूसरे के देश में रहने वाली बेटियां आज भी बाबुल व ससुराल के बीच मिठास भरे रिश्तों की कड़ी बनी हुई हैं। नेपाली सीमा पर चीनी टेंट लगाकर निगहबनी कर रहे नेपाली प्रहरी इन रिश्तों की डोर को जरा भी नहीं डिगा पा रहे हैं।
हालांकि यह बात जरूर है कि कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन है और सीमा पार से आवाजाही पर रोक है। बुधवार को अमर उजाला टीम ने जिले से सटी नेपाल सीमा पर नेपाली बहुओं तथा उनके परिजनों से रिश्तों को लेकर बातचीत की तो पता चला कि अभी रिश्तों को लेकर न तो कोई खटास है और न ही उन्हें दोनों सरकारों के बीच चल रही तनातनी का कोई आभास है। सीमा पर पूरी तरह से शांति बनी हुई है। जिले की सीमा पर एसएसबी तथा नेपाल सीमा पर नेपाली प्रहरी पूरी तरह से मुस्तैद हैं। पेश है एक रिपोर्ट-
जिले में ब्याही गई नेपाली बेटी मनीषा चौधरी का कहना है कि मैं अपने ससुराल में सुखी हूं। मेरे मायके तथा ससुराल वालों का आना-जाना बना रहता है। लॉकडाउन के चलते मैं मायके तो नहीं जा पा रही लेकिन मोबाइल से बाबुल का हालचाल हमेशा लेती रहती हूं। हमारे रिश्तों में वर्तमान समय में कोई खटास नहीं है।
स्थानीय निवासी मोहम्मद असरार ने बताया कि मेरी शादी आठ वर्ष पूर्व नेपाल में हुई थी। हमारे रिश्ते मधुर हैं। मेरा व पत्नी का आना-जाना लगा रहता है। ससुराल के लोग भी बराबर आते-जाते रहते हैं। हमारे रिश्तों में सरकारी तनातनी को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। हम लोग लॉकडाउन के बाद भी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में बने हुए हैं।
एसपी बलरामपुर देवरंजन वर्मा ने बताया कि तनातनी के बीच जिले की नेपाल सीमा पर स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। एसएसबी, पुलिस तथा वन विभाग की टीम सीमा पर संयुक्त रूप से निगरानी कर रही है। कहीं भी कोई तनाव नहीं है। दोनों देशों के रोटी-बेटी के संबंध मधुर हैं। किसी को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है।
बलरामपुर के नेपाल सीमा पर नो मेंस लैंड के पास बसा नेपाली गांव भदुई।- फोटो : BALRAMPUR