फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Balrampur News: दुर्लभ जीवों व पक्षियों से सोहेलवा जंगल गुलजार

Thu, 16 Apr 2026 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
विज्ञापन
सोहेलवा वन क्षेत्र के रामपुर रेंज में विचरण करते चीतल हिरण। श्रोत वन विभाग
विज्ञापन
जरवा। 452 वर्ग किलोमीटर में फैला सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग जैव विविधता का अनमोल खजाना बनकर उभरा है। घने जंगल, दुर्लभ वन्यजीव, विदेशी परिंदों की चहचहाट, पहाड़ी नाले और प्राकृतिक जलाशय यहां आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। जंगल के मध्य स्थित रहिया देवी मंदिर और जरवा ईको पर्यटन स्थल भी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हैं।
विज्ञापन




सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग की प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीवों की मौजूदगी और ईको पर्यटन की संभावनाएं इसे क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन केंद्र बना रही है। सोहेलवा वन क्षेत्र में दुर्लभ पशु-पक्षियों के साथ बेशकीमती जड़ी-बूटियां, इमारती लकड़ियां और विभिन्न वनस्पतियां प्रचुर मात्रा में पाई जाती हैं। जंगल के बीच बहने वाले पहाड़ी नाले और जलाशय प्राकृतिक सौंदर्य को और निखारते हैं। विदेशी पक्षियों की अठखेलियां और हरियाली से भरपूर वादियां पर्यटकों का मन मोह लेती हैं। वन्य क्षेत्र में तीन टाइगरों की मौजूदगी भी वन विभाग का उत्साह बढ़ा रही है।



नौ रेंज में बंटा वन क्षेत्र, 400 प्रजातियों के पक्षी



जिला बलरामपुर और श्रावस्ती में फैला सोहेलवा वन क्षेत्र नौ रेंजों में विभाजित है, जिनकी खुली सीमाएं नेपाल से जुड़ी हुई हैं। इससे वन्यजीवों के विचरण और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था बनी रहती है। यहां करीब 400 प्रजातियों के पक्षी पाए जाते हैं, जिनमें कई दुर्लभ प्रजातियां भी शामिल हैं। गिद्धों और विभिन्न प्रकार की चिड़ियों की भी यहां भरमार है।
विज्ञापन




17 पहाड़ी नाले बने वरदान



सोहेलवा वन क्षेत्र से 17 प्रमुख पहाड़ी नालों का उद्गम होता है, जिनमें दारा, सीरिया, कवही, धोबहा और नकटी प्रमुख हैं। इसके अलावा रामपुर रेंज में चित्तौड़गढ़ व मजगवा, तुलसीपुर रेंज में भगवानपुर व बघेलखंड, भाभर रेंज में कोहरगड्डी, बरहवा रेंज में गिरगिटही और बनकटवा रेंज में खैरमान जलाशय वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक वरदान साबित हो रहे हैं।



कैमरों से निगरानी, नियमित गश्त



रामपुर रेंजर प्रभात वर्मा और तुलसीपुर रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा और गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जंगल में कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही वनकर्मी एसएसबी जवानों और पुलिस के साथ नियमित पैदल गश्त कर रहे हैं। रिहायशी इलाकों की सुरक्षा के लिए कई स्थानों पर तार फेंसिंग भी कराई गई है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें