फोटो-6-कंपोजिट विद्यालय उदयपुर पढ़ाती शिक्षिका।-संवाद
रेहराबाजार। सीमित संसाधनों के बावजूद कंपोजिट विद्यालय उदयपुर आधुनिक शिक्षण व्यवस्था के दम पर निजी विद्यालयों को चुनौती दे रहा है। स्मार्ट क्लास, हाईटेक लाइब्रेरी और विज्ञान लैब जैसी सुविधाओं ने ग्रामीण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई है। इससे अभिभावकों का भरोसा भी सरकारी विद्यालयों के प्रति बढ़ा है।
वर्ष 2020 में सहायक शिक्षिकाओं एकता पांडेय और सरिता पाल की तैनाती के समय विद्यालय में 130 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। शिक्षकों के प्रयास और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति से अब यह संख्या बढ़कर 173 हो गई है।
विद्यालय में दो स्मार्ट प्रोजेक्टर के माध्यम से डिजिटल कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। वहीं हाईटेक पुस्तकालय और आधुनिक विज्ञान लैब में विभिन्न मॉडल व उपकरणों के जरिए विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित, भूगोल और इतिहास की जानकारी व्यवहारिक तरीके से दी जा रही है। इससे बच्चों में सीखने की रुचि और समझ विकसित हो रही है।
अभिभावक विजय बहादुर और रिजवान ने बताया कि गांव में ही निजी विद्यालयों जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं। छात्र शाहजहां और धर्मेंद्र चौहान ने कहा कि प्रोजेक्टर और लैब के माध्यम से पढ़ाई आसान व रोचक हो गई है।
विद्यालय की सफलता में शिक्षिका एकता पांडेय, सरिता पाल, शिक्षक अनिल कुमार पांडेय, हरिश्चंद्र वर्मा, गौरव सिंह, शिक्षा मित्र मीनू सिंह, विजय कुमार सिंह और ग्राम प्रधान रेखा सिंह का योगदान है। आधुनिक संसाधनों और शिक्षकों की मेहनत से विद्यालय ग्रामीण शिक्षा का प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभरा है।