बलरामपुर। जिले के 100 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम पर तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सामुदायिक सहभागिता (सीएसआर) फंड से विद्यालयों की सूरत बदलने की तैयारी की जा रही है। इरेडा संस्था की मदद से इन सभी विद्यालयों के 10 हजार से अधिक विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक से पढ़ाने करने का मौका मिलेगा।
स्मार्ट क्लास रूम में विद्यार्थियों की अध्ययन सामग्री कंप्यूटर में सेव रहेगी। कोर्स भी कंप्यूटर में लोड रहेगा। विद्यार्थियों की समय-समय पर ऑनलाइन परीक्षा भी ली जाएगी। स्कूलों में कंप्यूटर, लैपटॉप व प्रोजेक्टर जैसे उपकरणों से विद्यार्थियों को पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। विद्यार्थियों को विद्यालयों में कंप्यूटर प्रदान किए जाएंगे। इससे उनकी पढ़ाई का स्तर भी ऊंचा होगा।
स्मार्ट क्लास में पारंपरिक कक्षा की तुलना में अधिक इंटरैक्टिव और आकर्षक शिक्षण अनुभव मिलता है। इसमें डिजिटल तकनीक जैसे कि कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, इंटरैक्टिव व्हाइटबोर्ड और मल्टीमीडिया सामग्री का उपयोग किया जाता है। ऐसी कक्षाओं में छात्रों को आकर्षित करने व उन्हें व्यस्त रखने के लिए वीडियो और ऑडियो जैसी डिजिटल शिक्षण विधियों का उपयोग किया जाता है। (संवाद)
361 विद्यालयों में चल रहे स्मार्ट क्लास
जिले में 1803 स्कूलों का संचालन हो रहा है, जिसमें 1164 प्राथमिक, 260 उच्च प्राथमिक व 383 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में दो लाख 19 हजार बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। जिले में अब तक 361 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं चल रही हैं। इन विद्यालयों में 40 हजार से अधिक विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास रूम में पढ़ाया जा रहा है। बीएसए शुभम शुक्ल ने बताया कि बच्चों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए जनपद के सभी विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम से पढ़ाई कराने की तैयारी की जा रही है।
जल्द ही शुरू कराए जाएंगे कार्य
जिले के 100 परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम बनाने की तैयारी की जा रही है। सीएसआर फंड से स्मार्ट क्लास रूम बनाने पर धनराशि खर्च की जाएगी। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम बनाने की जिम्मेदारी इरेडा संस्था को दी गई है। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तरीके से पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
-पवन अग्रवाल, डीएम