बलरामपुर। सर्दी में त्वचा रोगियों की समस्या बढ़ गई है। सरकारी चिकित्सालयों में त्वचा रोग विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। दाद व खुजली की दवा तो फिजिशियन लिख देते हैं, लेकिन गंभीर समस्या वाले मरीजों को वापस लौटा देते हैं। ऐसे में मरीज परेशान होते हैं।
जिला मेमोरियल व संयुक्त जिला चिकित्सालय सहित पूरे जिले में एक भी त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। विशेषज्ञ न होने से मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिला मेमोरियल अस्पताल में शुक्रवार को एनसीडी क्लीनिक में त्वचा रोग से संबंधित मरीज दिखे। गदुरहवा की सलमा ने बताया कि उनके हाथ में लाल दाने निकल आए हैं, चिकित्सक को दिखाने आई हूं। राहुल ने बताया कि उनकी एड़ी फट रही है, दवा लेने आया हूं।
एनसीडी क्लीनिक के चिकित्साधिकारी डॉ. ऋषि श्रीवास्तव ने बताया कि सर्दी के मौसम में एड़ी व होंठ फटने लगते हैं। एड़ियों में खून आने के साथ दर्द की भी समस्या रहती है। इन दिनों प्रतिदिन 25 से 30 त्वचा रोगी आ रहे हैं, इनमें विंटर खुजली, हाथ व पैरों में लालपन, सूजन वाले मरीज अधिक रहते हैं। चिकित्साधिकारी ने बताया कि त्वचा का रूखापन कम करने के लिए नहाने के लिए गुनगुना पानी का उपयोग करें। नहाने के बाद नारियल तेल दिन में दो-तीन बार जरूर लगाना चाहिए। ऊनी कपड़ों के अंदर सूती कपड़ा अवश्य पहनना चाहिए।
फिजिशियन देखते हैं मरीज
जिला मेमोरियल अस्पताल के सीएमएस डॉ. शारदा रंजन व संयुक्त अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजकुमार वर्मा ने बताया कि त्वचा रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को परेशानी होती है। सामान्य समस्या वाले मरीजों को तो फिजिशियन देखकर दवा लिख देते हैं, लेकिन गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ता है। त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
उच्चाधिकारियों को लिखा गया है पत्र
जिले में त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए स्वास्थ्य निदेशालय में कई बार पत्र लिखा जा चुका है। एक विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती हो जाए तो मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
- डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ