बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश पास्को एक्ट दीप नारायन तिवारी ने दुष्कर्म के मामले में एक व्यक्ति को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषी को पांच हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
कोतवाली देहात निवासी एक व्यक्ति ने 28 जनवरी 2018 को मुकदमा लिखाने का प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बहन को गांव का रोहित बहला फुसलाकर भगा ले गया। पुलिस ने मुकदमा लिखकर जांच के बाद पीड़िता के बयान के आधार पर दुष्कर्म की धारा की बढ़ोतरी करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। सत्र परीक्षण के दौरान विशेष लोक अभियोजक पास्को एक्ट पवन कुमार शुक्ल ने आठ गवाहों को न्यायालय में पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने रोहित को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने रोहित को पास्को एक्ट और बहला फुसलाकर भगा ले जाने के अपराध से साक्ष्यों के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।