बलरामपुर के कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते किसान। संवाद
बलरामपुर। किसान संगठनों ने कलेक्ट्रेट में मंगलवार को प्रदर्शन कर विरोध जताया। नाराज किसानों का आरोप है कि वायदे से केंद्र सरकार मुकर गई है। किसानों के लंबे संघर्ष के बाद कृषि के काले कानून वापस लेने के बाद भी केंद्र सरकार के वायदे अभी भी अधूरे हैं। प्रदर्शन के बाद संगठनों के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी संचित मोहन तिवारी को सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन (भानू) गुट के जिलाध्यक्ष बृजेश विश्वकर्मा ने कलेक्ट्रेट में धरने को संबोधित करते हुए कहा कि लखीमपुर में चार किसानों की जीप से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। अभी तक किसी को सजा नहीं मिली है। स्मार्ट मीटर लगाकर किसानों से अधिक पैसा वसूलने की तैयारी की जा रही है, इसका किसान संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। किसानों के खेतों में लगे बिजली के पोल को तत्काल हटवाया जाए। सिंचाई व बाढ़ खंड विभागों के भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। किसानों के सभी प्रकार के कर्ज माफ किया जाए। जिला प्रभारी सियाराम विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष राम सनेही, गौतम प्रसाद ओझा, अभरन प्रसाद वर्मा, सुधाकर विश्वकर्मा, राम तीरथ, आनंद प्रकाश तिवारी व अयोध्या प्रसाद आदि ने धरने को संबोधित कर विरोध जताया। धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
भारतीय किसान यूनियन (भारत का किसान संगठन) के जिलाध्यक्ष तिलकराम वर्मा, जुगुल किशोर मिश्र, राज कुमार यादव, साबिर अली, पुत्तुलाल तिवारी, बलराम पाठक व श्याम सुंदर तिवारी ने धरने को संबोधित कर वापस लिए गये कृषि के कालू कानूनों के बाद आज तक वायदे पूरे नहीं किये गये हैं। अमीरोें को समृद्ध करने की नीतियों के चलते किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। खेती की लागत बढ़ती जा रही है, लेकिन सरकार किसानों की मदद नहीं कर रही है। धरने के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट के प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा गया।