बलरामपुर। सिविल जज जूनियर डिवीजन (एसीजेएम) उतरौला योगेश चौधरी ने करीब 27 वर्ष पहले लापरवाही से वाहन चलाने से हुए हादसे में मौत के मामले में अभियुक्त को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। न्यायालय उठने तक दोषी को कठघरे में खड़ा रखा गया। न्यायाधीश ने 3000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
उतरौला क्षेत्र के ग्राम छितरपारा निवासी राम शंकर ने 20 मई 1998 को एफआईआर दर्ज कराई थी। कहा था कि उतरौला क्षेत्र के ग्राम मोहम्मदपुर निवासी मसीउद्दीन उर्फ हल्लर ने लापरवाही से वाहन चलाकर उनके रिश्तेदार को टक्कर मार दी थी। सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने केस दर्ज करके आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। एसीजेएम ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अभियुक्त को दोषी करार देते हुए न्यायालय उठने तक कठघरे में खड़ा रहने की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड अदा करने का भी आदेश दिया है।