फोटो-19-बलरामपुर के हरैया सतघरवा में आयोजित प्रशिक्षण में मौजूद लोग।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। जनगणना-2027 को लेकर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार जनगणना की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी। 16 से 30 नवंबर तक नागरिक स्वगणना के माध्यम से अपने परिवार का ब्योरा दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद एक दिसंबर से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। जनगणना कार्य को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सोमवार को प्रगणकों और सुपरवाइजरों के प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ।
जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए कार्मिकों को जिम्मेदारी और सावधानी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े विकास योजनाओं, संसाधनों के आवंटन और भविष्य की नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक परिवार की सही और पूरी जानकारी दर्ज करना जरूरी है।
प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को डिजिटल माध्यम से आंकड़े दर्ज करने, प्रश्नावली भरने और तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कोई भी परिवार गणना से छूटने न पाए। घर-घर गणना पूरी होने के बाद पांच से नौ जनवरी 2027 तक विवरणों का पुनरीक्षण किया जाएगा, ताकि आंकड़ों की शुद्धता और पूर्णता सुनिश्चित की जा सके।
उतरौला और तुलसीपुर में भी प्रशिक्षण शुरू
भारत की जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों के तहत उतरौला और तुलसीपुर में भी तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। उतरौला के एचआरए इंटर कॉलेज में 24 प्रशिक्षकों द्वारा 550 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। तहसीलदार वीरेंद्र प्रताप ने कर्मचारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर शुद्धता और जिम्मेदारी के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, तुलसीपुर के दीप नारायण डिग्री कॉलेज में 64 प्रगणकों और 11 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नगर के 15 वार्डों में जनगणना का कार्य किया जाएगा। जनगणना के पहले चरण में मकानों की गणना पूरी हो चुकी है।