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Balrampur News: जम्मू, श्रीनगर व जालंधर में फंसे बलरामपुर के लोग, अब आ रहे घर वापस

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जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सवार छात्र यश श्रीवास्तव व अन्य साथी।-स्रोत: छात्र
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बलरामपुर। सारी रात जागते रहे हम लोग। एक तरफ अपनी भारतीय सेना के शौर्य पर गर्व हो रहा था, तो रात के अंधेरे में मिसाइलों की चमक धुकधुकी भी बढ़ा रही थी। जम्मू में युद्ध जैसे हालात हैं। हम लोगों की परीक्षाएं स्थगित हो गईं और विश्वविद्यालय व कॉलेज बंद कर दिए गए। बड़ी गाड़ियां बंद हैं। ट्रेनें व स्थानीय छोटे साधन चल रहे हैं। यहां के हालात देखकर घर में परिजन परेशान हैं। जम्मू आकर ट्रेन में सवार होने पर जान में जान आई।
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यह कहना है बलरामपुर के धुसाह मोहल्ले के रहने वाले यश श्रीवास्तव का, जो जम्मू के कटरा में श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। यश के साथ बरेली के कार्तिकेय सक्सेना, कासगंज के निखिल बाबू, प्रयागराज के उत्कर्ष चौधरी, मेहुल, सचिन, राहुल रंजन आदि भी घर के लिए रवाना हुए। यश के पिता रविंद्र मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि यश के ट्रेन में सकुशल सवार हो जाने की खबर सुनकर थोड़ा सुकून मिला। मां इरा ने कहा कि बस वह घर आ जाए, उसे आंख भर देख लूं तो सुकून मिले। सीमावर्ती राज्यों में पाकिस्तान द्वारा भारतीय नागरिक क्षेत्र में हमला करने के कारण हालात चिंताजनक है। पूरबटोला निवासी तुषार श्रीवास्तव ने बताया कि उनकी बेटी तनुश्री श्रीवास्तव जालंधर की लवली यूनिवर्सिटी में बीटेक तृतीय वर्ष की छात्रा है। उसकी परीक्षाएं चल रही थीं। युद्ध के कारण अब शेष परीक्षा ऑनलाइन होगी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी जालंधर से बस से दिल्ली के लिए रवाना हाे गई है। (संवाद)

रामबन में जाम में फंसे हैं पूरबटोला के राजीव रंजन
पूरबटोला निवासी डॉ. राजीव रंजन श्रीवास्तव श्रीनगर में कार्यरत हैं। वह सपरिवार किराये की कार से सड़क के रास्ते दिल्ली के लिए निकले हैं। दिल्ली से ट्रेन से आगे लखनऊ के लिए निकलेंगे। खबर लिखे जाने तक राजीव रामबन के पास लैंडस्लाइड हो जाने के कारण जाम में फंसे हुए हैं। राजीव ने बताया कि वह नेशनल हाइड्रो पावर कारपोरेशन में बतौर असिस्टेंट मैनेजर कार्य कर रहे हैं। वह गुरेज के बांदीपुरा में कृष्णगंगा बांध साइट पर पोस्टेड हैं। पानी से बिजली पैदा करने का वाले एनएचपीसी के अन्य प्रोजेक्ट हैं उड़ी बारामूला का बगलिहार डैम, लेह का निम्मो, जम्मू का सलाल व किश्तवाड़ का दुलहस्ती प्रोजेक्ट। उन्होंने बताया कि परिवार सहित श्रीनगर में रह रहे प्रोजेक्ट में काम करने वालों को घर जाने की इजाजत मिली है।
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