बलरामपुर। ऑनलाइन हाजिरी लागू किए जाने के खिलाफ ग्राम पंचायत सचिवों का आंदोलन मंगलवार को दूसरे दिन भी जिलेभर के सभी विकास खंडों में जारी रहा। सचिवों ने काली पट्टी बांधकर कहा कि सरकार फील्ड कर्मचारियों पर चयनात्मक व्यवस्था थोप रही है। कहा कि यदि समस्याओं का निस्तारण शीघ्र ही किया जाता है तो पांच दिसंबर के बाद उग्र आंदोलन किया जाएगा।
संरक्षक अशोक दूबे ने कहा कि सचिव गांव-गांव भ्रमण करते हैं, ऐसे में लोकेशन आधारित हाजिरी व्यावहारिक नहीं है। जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता और जिला महामंत्री संतोष कुमार मिश्र ने कहा कि सचिवों से संवाद किए बिना ऑनलाइन हाजिरी थोप दी गई है, जिससे कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उपमंत्री महेंद्र कुमार यादव ने कहा कि गौ आश्रय स्थल पशुपालन विभाग के अधीन है, फार्मर रजिस्ट्री कृषि विभाग की जिम्मेदारी है, फैमिली आईडी नियोजन विभाग तथा निराश्रित महिलाओं की योजनाएं कार्यक्रम विभाग के अधीन आती हैं, फिर भी इन सभी कार्यों का बोझ केवल ग्राम पंचायत सचिवों पर डाल दिया गया है। इस अवसर पर अमरनाथ राय, नित्यानंद सिंह, मनीष राय, राकेश चौधरी, सीमांत शेखर, महेश कुमार वर्मा, विनय कुमार शुक्ल और हरिशंकर तिवारी सहित सभी सचिव मौजूद रहे।
गैर विभागीय कार्य से बढ़ रहा बोझ
हरैया सतघरवा। ग्राम पंचायत सचिवों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। सचिवों ने ऑनलाइन अटेंडेंस और गैर-विभागीय कार्यभार बढ़ाए जाने पर कड़ा आक्रोश जताया। इस अवसर पर नित्यानंद सिंह, संतोष कुमार गुप्ता, संतोष कुमार मिश्र, लालजी मिश्र, प्रवीण गुप्ता, अभिषेक सिंह, कपिल देव गुप्ता व अरुण पटेल आदि मौजूद रहे।
नेटवर्क की समस्या बनेगी बाधा
ललिया। शिवपुरा ब्लॉक सचिवों ने विरोध जताते हुए कहा कि ऑनलाइन हाजिरी ग्रामीण क्षेत्रों की नेटवर्क और तकनीकी परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। नई प्रणाली और दबाव बढ़ा रही है। इस अवसर पर नित्यानंद सिंह, प्रवीण गुप्ता, अभिषेक सिंह, कपिल देव गुप्ता व अरुण पटेल आदि मौजूद रहे।