फोटो-36- बलरामपुर बस स्टेशन पर खड़े यात्री। संवाद
बलरामपुर। घाघरा नदी पर बने संजय सेतु बंद होने के बाद अब लखनऊ-कानपुर जाने वाले यात्रियों की समस्या बढ़ गई है। आलम यह है कि रूट बदलने से रोडवेज बसें भी देरी से चल रही हैं। ऐसे में यात्रियों को बस का घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसके चलते ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है।
नगर के रोडवेज स्टेशन से विभिन्न रूटों पर 87 बसों का संचालन होता है। इनमें से 18 बसें लखनऊ-कानपुर रूट पर संचालित होती हैं। संजय सेतु पर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित होने के बाद बसों के रूट बदल गए हैं। रूट बदलने से करीब 50-60 किलोमीटर तक की दूरी बढ़ गई है। ऐसे में बलरामपुर डिपो से संचालित होने वाली बसों का समय बिगड़ गया है। रोडवेज पर खड़े अशोक व कमला ने बताया कि बाराबंकी जाना है, एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। रागिनी व यशोदा ने बताया कि लखनऊ जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे हैं। अयोध्या से बस घूम कर आ रही है, इसलिए तीन घंटा अधिक लग रहा है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गोपीनाथ दीक्षित ने बताया कि गाेंडा-अयोध्या लखनऊ जाने वाली बसों में ढाई से तीन घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा है, इसलिए कुछ बसें देरी से चल रही हैं। वहीं लखनऊ जा रहे अमित कुमार ने बताया कि अब राजधानी जाने के लिए 140 रुपये अधिक देने पड़ेंगे। पहले लखनऊ का किराया 231 रुपये था अब रूट बदलने से 370 रुपये हो गया है
ट्रेनों पर बढ़ी भीड़
बसों में दूरी व किराया बढ़ने से यात्री अब ट्रेनों का सहारा लेने लगे हैं। ऐसे में बलरामपुर से लखनऊ तक जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस, गोमतीनगर एक्सप्रेस व लोकमान्य तिलक ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। सामान्य बोगियों में जगह नहीं मिल पा रहा है। कानपुर जा रहे व्यापारी अतुल गुप्ता ने बताया कि माल लेने के लिए पहले हम लोग बस से जाते थे। बस का रूट लंबा हो जाने के कारण ट्रेन से सफर करना पड़ रहा है। ट्रेन में काफी भीड़ होने से सीट नहीं मिल रही है।