बलरामपुर। स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुरा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीएचसी में उपलब्ध दवाओं और संसाधनों की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एक चिकित्साधिकारी सहित 11 स्वास्थ्यकर्मी बिना सूचना के अनुपस्थित मिले। ड्यूटी के प्रति लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ ने सभी का वेतन रोकने के निर्देश दिए और उनसे जवाब मांगा है।
सीएमओ ने सीएचसी की लैब, ओपीडी, लेबर रूम, औषधि भंडार और ओटी में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। साथ ही उपस्थिति पंजिका का भी अवलोकन किया। जांच के दौरान चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद कुमार आर्य, स्वीपर राकेश कुमार, वार्ड आया तन्वी श्रीवास्तव, नेत्र परीक्षण अधिकारी सैयद सलीम हुसैन, लैब टेक्नीशियन विनोद कुमार, वरिष्ठ सहायक सुरेंद्र पाल सिंह वर्मा, अशोक कुमार, एएनएम रुचि तिवारी, स्टाफ नर्स वंदना, इला शुक्ला और मनीष अनुपस्थित पाए गए।
सीएमओ ने अनुपस्थित कर्मचारियों की अनुपस्थिति अवधि का वेतन रोकने के निर्देश सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार पांडेय को दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी तत्परता और जवाबदेही के साथ करें।
निरीक्षण के समय तक बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में 89 मरीजों का उपचार किया जा चुका था। वहीं, आईपीडी में छह मरीज भर्ती थे और तीन महिलाओं का प्रसव कराया गया था। पैथोलॉजी में 27 मरीजों की जांच की गई थी। सीएमओ ने निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को जांच या दवा के लिए बाहर न भेजा जाए। इसके अलावा उन्होंने अधीक्षक को सभी आवश्यक अभिलेखों का व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्र और सहायक शोध अधिकारी सिद्धार्थ गुप्त सहित अन्य लोग मौजूद रहे।