बलरामपुर। जिले के 37 ग्राम पंचायतों में अभी तक सचिवालय भवन का निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हो सका है। चालू वित्तीय वर्ष में 324 ग्राम पंचायतों के सचिवालय भवनों का निर्माण कराने का खाका खींचा गया था। सचिवालय भवन के निर्माण पर 16 से 24 लाख रुपये तक खर्च होने हैं। दो से चार कमरों वाले ग्राम पंचायत के सचिवालय भवनों में मीटिंग हाल, टॉयलेट व बाउंड्रीवाल के निर्माण पर 14वें व राज्य वित्त से आधी धनराशि खर्च की जानी है। बाकी बची आधी धनराशि मनरेगा योजना से खर्च होनी है।
सीडीओ रिया केजरीवाल ने बीते दिनों सभी बीडीओ व एडीओ पंचायतों के साथ बैठक कर पंचायत भवनों के निर्माण कार्य की प्रगति को परखा। इस सामने आया कि सदर ब्लॉक में 33 की तुलना में 4, गैड़ास बुजुर्ग ब्लॉक में 20 की तुलना दो, गैसड़ी ब्लॉक में 42 की तुलना में दो, हरैैया सतघरवा ब्लॉक में 25 की तुलना में 11, पचपेड़वा ब्लॉक में 43 की तुलना में 13, रेहरा बाजार ब्लॉक में 39 की तुलना में जीरो, श्रीदत्तगंज ब्लॉक में 49 की तुलना में आठ, तुलसीपुर ब्लॉक में 34 की तुलना में एक और उतरौला ब्लॉक में 39 की तुलना में 9 ग्राम पंचायतों में सचिवालय भवनों का निर्माण कार्य ही अभी तक पूरा हो सका है। इतना ही नहीं नौ ब्लॉक के 37 ग्राम पंचायतों में अभी तक सचिवालय भवनों का निर्माण कार्य अभी तक शुरू ही नहीं हो सका है।
24 ग्राम पंचायतों में सचिवालय भवन की सिर्फ नींव रखी गई जबकि 64 ग्राम पंचायतों के सचिवालय भवन प्लिंथ स्तर पर हैं। 82 ग्राम पंचायतों में सचिवालय भवनों के छत तक कार्य कराया जा चुका है। 51 ग्राम पंचायतों के सचिवालय भवनों के आंशिक कार्य व फिटिंग बाकी है। सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी बीडीओ व एडीओ पंचायतों को शीघ्र सचिवालय भवनों के निर्माण कार्य को पूरा कराने का निर्देश दिया है। इसकी नियमित निगरानी का जिम्मा डीडीओ गिरीश कुमार पाठक, पीडी अनिल कुमार सिंह व डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह को सौंपा गया है।