बलरामपुर। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया इस बार तीन चरणों में पूरी होगी। बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यक्रम के अनुसार जिले में आरटीई से करीब 3500 जरूरतमंद और वंचित परिवारों के बच्चों को निजी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया दो फरवरी से शुरू होगी।
इस वर्ष आरटीई प्रवेश व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहली बार अभिभावकों के आधार कार्ड के माध्यम से बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। इसी आधार लिंक बैंक खाते में किताब-कॉपी और अन्य शैक्षिक सामग्री के लिए निर्धारित धनराशि भेजी जाएगी। इससे न केवल प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि फर्जीवाड़े पर भी प्रभावी नियंत्रण रहेगा। आवेदन केवल आरटीई पोर्टल www.rte25.upsdc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन किए जाएंगे।
बीएसए शुभम शुक्ल ने बताया कि पहले चरण में आवेदन 2 से 16 फरवरी तक स्वीकार किए जाएंगे। इसी अवधि में बीएसए कार्यालय द्वारा आवेदनों का सत्यापन किया जाएगा। पहले चरण की लॉटरी 18 फरवरी को निकाली जाएगी और चयनित बच्चों के विद्यालय आवंटन के आदेश 20 फरवरी तक जारी कर दिए जाएंगे।
दूसरे चरण में आवेदन 21 फरवरी से 7 मार्च तक होंगे, जिनका सत्यापन किया जाएगा। इस चरण की लॉटरी 9 मार्च को निकाली जाएगी और 11 मार्च तक विद्यालय आवंटन से संबंधित आदेश जारी होंगे। तीसरे चरण में आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया 12 से 25 मार्च के बीच चलेगी। 27 मार्च को लॉटरी निकाली जाएगी और 29 मार्च तक आवश्यक निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। चयनित बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश 11 अप्रैल तक होगा।
अभिभावकों की सुविधा के लिए जिले में सरकारी कार्यालयों और विभिन्न केंद्रों पर हेल्प डेस्क बनाई जाएंगी, जहां ऑनलाइन आवेदन भरने में सहायता दी जाएगी। बीएसए का कहना है कि तकनीकी कारणों से कोई भी पात्र बच्चा प्रवेश से वंचित न रहे, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।