उतरौला। ग्रामीणों को राजस्व संबंधी सेवाएं अब गांव में ही उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तहसील प्रशासन ने सभी ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित उपस्थिति की व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत तहसील क्षेत्र के 140 लेखपालों का ग्राम पंचायतवार रोस्टर जारी किया गया है। अब निर्धारित तिथियों पर संबंधित लेखपाल ग्राम सचिवालय में उपस्थित रहकर ग्रामीणों के राजस्व संबंधी कार्यों का निस्तारण करेंगे।
उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सरोज ने बताया कि शासन के निर्देशों के क्रम में यह व्यवस्था लागू की गई है, जिससे लोगों को आय, जाति, निवास, हैसियत प्रमाण-पत्र, खतौनी की नकल सहित अन्य राजस्व सेवाओं के लिए तहसील के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने बताया कि लेखपाल वरासत, स्वामित्व योजना, किसान सम्मान निधि, रियल टाइम खतौनी, प्राकृतिक आपदा एवं बाढ़ राहत, भू-नक्शा मिलान, खसरा पड़ताल, कृषि एवं मत्स्य पट्टा, कृषि गणना, जनगणना, क्रॉप कटिंग, फसल बीमा, निर्वाचन कार्य, पेंशन सत्यापन, धारा-34 एवं धारा-67 के प्रकरण, नजूल भूमि सत्यापन, खनन, राशन वितरण तथा धान-गेहूं क्रय केंद्रों के सत्यापन सहित विभिन्न राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों का भी संपादन करेंगे।
उन्होंने बताया कि पहले ग्राम स्तर पर लेखपालों के बैठने के लिए कोई निर्धारित व्यवस्था नहीं थी, जिससे ग्रामीणों को उन्हें ढूंढने और अपने कार्य कराने में कठिनाई होती थी। अब इस व्यवस्था से ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी और काम अधिक पारदर्शी व सुगम होगा।