बलरामपुर। परिवहन निगम की बसें मालवाहक बनकर रह गईं हैं। चालक व परिचालक अवैध कमाई के कारण यात्रियों की सुविधाओं का ध्यान नहीं रखते हैं। बस में सीट के नीचे सामान रखकर इधर-उधर पहुंचाते हैं। सीट के नीचे सामान रखने के कारण यात्री ठीक से बैठ नहीं पाते हैं। रात्रि में ग्रामीण क्षेत्रों से लखनऊ व कानपुर जाने वाली बसें में यह नजारा आमतौर पर देखा जा सकता है।
परिवहन निगम भले ही यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रयासरत हो, लेकिन चालक व परिचालकों की मनमानी से यात्री परेशान होते हैं। रोडवेज की बसों में बिना टिकट बनाए भारी सामान लाद लेते हैं। बस में सीट के नीचे बोरी में भरा सामान रख देते हैं। इससे यात्री ठीक से यात्रा नहीं कर पाते हैं। चालक परिचालक बिना टिकट के भार लादकर परिवहन निगम को चूना लगा रहे हैं।
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12 परिचालकों पर हो चुकी है कार्रवाई
- स्थानीय डिपो की बस में बिना टिकट के यात्री व भार ढोने के मामले में 12 परिचालकों पर कार्रवाई हो चुकी है। जनवरी 2024 में परिवहन निगम के अधिकारियों ने अलग-अलग रूटों पर बसों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान 12 बसों में बिना टिकट के भार लदा पाया गया। साथ ही कई बसों में कुछ यात्री भी बिना टिकट यात्रा करते पाए गए थे।
50 किलोग्राम भार पर नहीं लगता है किराया
- परिवहन निगम की बसों में यदि यात्री अपने साथ 50 किलोग्राम का भार लेकर जा रहा है, तो उसका किराया नहीं लगेगा। यदि भार 50 किलोग्राम से अधिक है तो परिचालक को टिकट बनाकर निर्धारित किराया लेना चाहिए। यदि किसी बस में बिना टिकट के भार लदा पाया गया तो संबंधित परिचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- तरन्नुम, वरिष्ठ डिपो इंचार्ज बलरामपुर