बलरामपुर। बीते दिनों राप्ती नदी व दर्जनों पहाड़ी नालों में आई बाढ़ के कारण जिले के लोगों का आवागमन पूरी तरह से दुर्गम हो गया है। कई सड़कें जर्जर हो गई हैं। कई पुल व एप्रोच भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोगों को आवागमन में भारी असुविधा हो रही है। जिम्मेदार अफसर मूकदर्शक बने हुए हैं। सड़क निर्माण कराने वाली कार्यदाई संस्थाओं के एक्सईएन उधार पर कार्य कर रहे हैं। जनप्रतिनिधि लोगों को कोरा आश्वासन दे रहे हैं।
राप्ती नदी व पहाड़ी नालों की बाढ़ ने ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है। सदर विकास खंड के सद्दोपुर जाने वाली सड़क राप्ती नदी की बाढ़ में आधी से ज्यादा कट गई है। महराजगंज पटोहाकोट की सड़क भी खरझार पहाड़ी नाले में कट गई है। उतरौला के सिंगारजोत में राप्ती नदी पर बने पुल का एप्रोच कट जाने से सिद्घार्थनगर जनपद को जोड़ने वाला मार्ग पर आवागमन बाधित है। गौरा चौराहा से तुलसीपुर जाने वाली सड़क पर भुसैलिया डिप के पास लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हरिहरगंज-ललिया मार्ग पर लौकहवा डिप की सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। कौवापुर स्टेशन के पास पुल का निर्माण पूरा न होने के कारण आवागमन में लोगों को बाधा हो रही है। बेलहा से गौरा चौराहा जैतापुर जाने वाला मार्ग पूरी तरह से जर्जर है।
जैतापुर से गणेशपुर होते हुए पचपेड़वा जाने वाला मार्ग भी क्षतिग्रस्त है। गैसड़ी से बिस्कोहर मार्ग की हालत पूरी तरह खराब है। उतरौला के श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे से बेवा जाने वाले स्टेट हाईवे में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। गांव में बनी सड़कें बारिश व बाढ़ के कारण तबाह हो गई है। कोड़री से मथुरा बाजार जाने वाला मार्ग भी गड्ढों में तब्दील है। महराजगंज तराई क्षेत्र के रामगढ़ मैटहवा से विजयीडीह जाने वाली सड़क खरझार पहाड़ी नाले की बाढ़ में कट गई है।
लोगों को हो रही परेशानी
सड़कों के क्षतिग्रस्त व तबाह होने से जिले की करीब 15 लाख आबादी का आवागमन सुगम से दुर्गम हो गया है। लोग बार-बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से सड़कों के मरम्मत की मांग कर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के दोनों खंडों में उधार के अधिकारी काम कर रहे हैं। लोगों ने शासन प्रशासन से क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलों की मरम्मत कराने की मांग की है।