बलरामपुर। तुलसीपुर तहसील क्षेत्र के महुवा गांव में तालाब की सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम पर दबंगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि दबंगों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की, उपनिरीक्षक की वर्दी पर हाथ डाला और उनकी नेम प्लेट व बैज नोच लिया। वहीं, लेखपाल से बंदोबस्ती का सरकारी नक्शा छीनकर फाड़ने का भी आरोप है। लेखपाल की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लेखपाल बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व ग्राम महुवा स्थित गाटा संख्या 642 में 0.1500 हेक्टेयर भूमि तालाब खाते में दर्ज है। इस भूमि की पैमाइश 18 जून और 13 जुलाई 2026 को राजस्व विभाग की ओर से कराई गई थी। जांच में शिवकुमार, प्रभावती और रमेश कुमार समेत अन्य लोगों का अवैध कब्जा पाया गया था। कई बार चेतावनी देने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद 18 जुलाई को एसडीएम तुलसीपुर को रिपोर्ट भेजी गई, जिसके आधार पर अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी किए गए।
सोमवार दोपहर करीब दो बजे गौरा चौराहा पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम महुवा गांव पहुंची। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जितेंद्र बहादुर, हेड कांस्टेबल विमलेश कुमार, कांस्टेबल राहुल गौतम, अंकित कुमार वर्मा और महिला कांस्टेबल अन्नू वर्मा शामिल थीं। वहीं राजस्व विभाग की ओर से राजस्व निरीक्षक राजकिशोर तिवारी, लेखपाल बृजेश कुमार सिंह, संतोष कुमार और हेमराज सिंह मौजूद थे।
टीम ने तालाब की भूमि की दोबारा पैमाइश कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। आरोप है कि इसी दौरान शिवकुमार ने अपने परिवार के लोगों को कार्रवाई का विरोध करने के लिए उकसाया। इसके बाद रमेश, प्रभावती, चंद्रावती और सावित्री समेत अन्य लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध करने लगे। समझाने के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ और आरोपियों ने टीम के साथ धक्का-मुक्की करते हुए हमला कर दिया।
लेखपाल ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान उनसे ग्राम महुवा का बंदोबस्ती नक्शा छीनकर फाड़ दिया गया। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को घेरकर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
प्रभारी निरीक्षक हरीश सिंह ने बताया कि लेखपाल बृजेश कुमार सिंह की तहरीर पर रमेश, प्रभावती, चंद्रावती, सावित्री और शिवकुमार के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने, मारपीट, धमकी देने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक राकेश कुमार को सौंपी गई है।