संविधान निर्माता की मनाई 133वीं जयंती
संवाद न्यूज एजेंसी
बलरामपुर। भारत रत्न व भारतीय संविधान के शिल्पकार डाॅ. भीमराव आंबेडकर की 133वीं जयंती जिले भर में मनाई गई। सरकारी व अर्धसरकारी कार्यालयों के साथ रविवार को समितियों ने भी कार्यक्रम किया। आंबेडकर तिराहा पर सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह व नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम अरविंद सिंह ने आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित करके नमन किया। कहा कि सामाजिक परिवर्तन के अग्रदूत व समाज सुधारक डॉ. आंबेडकर के अनमाेल विचार एवं सिद्धांत हम सभी के लिए प्रेरणादायी हैं। उनके विचारों एवं आदर्शों को हम अपने जीवन में आत्मसात करके देश के विकास में अपना योगदान दें। आंबेडकर ने व्यक्तिगत व सामाजिक कठिनाइयों से कभी हार नहीं मानी। कोलंबिया व लंदन यूनिवर्सिटी से कानून एवं पीएचडी की पढ़ाई की। समाज में व्याप्त कुरीतियों को मिटाने का अथक प्रयास किया।
संविधान में आर्टिकल 32 एवं आर्टिकल 226 के रूप में देश के नागरिकों को अपने अधिकारों के रूप में बड़ी शक्ति प्रदान की। जब कभी भी जीवन में किसी लक्ष्य को प्राप्त करने में कठिनाई हो तो उनके जीवन संघर्षों को पढ़ें और जीवन में उसे आत्मसात करें, जिससे लक्ष्य के प्रति दृढ़ शक्ति के साथ सफल होने की प्रेरणा मिलेगी। एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रदीप कुमार व एडीएम न्यायिक प्रमोद कुमार ने डॉ. आंबेडकर के जीवन आदर्शों पर विचार प्रस्तुत किए।
एसपी केशव कुमार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय व सीडीओ संजीव कुमार मौर्य ने विकास भवन कार्यालय में डॉ. आंबडेकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। जिले भर में गोष्ठी का आयोजन कर डॉ. भीमराव आंबेडकर के जीवनवृत्त पर प्रकाश डाला गया और उनके बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। वीर विनय चौराहा व आंबेडकर तिराहा पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष इशरत जमाल के पुत्र समर जावेद ने शोभायात्रा में शामिल लोगों को मिष्ठान व जलपान कराया।
समिति ने निकाली शोभायात्रा
बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जन्मोत्सव समिति ने नहर बालागंज से शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा फुलवरिया बाईपास से होते हुए भगवतीगंज चौराहा से वीर विनय चौराहा, चौक व मेजर चौराहा से होकर आंबेडकर तिराहा पहुंची। आंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित करके नमन किया गया और गोष्ठी का आयोजन हुआ। सुरेंद्र सिंह गौतम ने त्रिशरण-पंचशील का पाठ कराया। राजेंद्र चौधरी ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन राघवेंद्र ने किया। गीता गौतम, मीना वर्मा, सुरेश वर्मा, अनीता भाष्कर, उर्मिला, राजू गौतम आदि मौजूद रहे। इसके बाद शोभायात्रा वीर विनय चौराहा से पीपल तिराहा होते हुए बुद्धापार्क पहुंचकर संपन्न हुई।