बलरामपुर। बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने इस बार पहले से ही तैयारियां तेज कर दी हैं। बाढ़ आने के बाद राहत पहुंचाने के बजाय अब संभावित प्रभावित परिवारों तक पहले ही जरूरी सामग्री पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत किट वितरित की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी ज्योति राय ने बताया कि जिले के करीब 200 गांव हर साल बाढ़ से अधिक प्रभावित होते हैं। पहले चरण में इन्हीं गांवों के जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों को लाभार्थियों का चिन्हांकन कर सूची तैयार करने और समय से वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि राहत किट में छाता, टॉर्च, तिरपाल, कंबल, मच्छरदानी, सूखा राशन, मोमबत्ती, बैटरी, रस्सी, प्राथमिक उपचार किट और स्वच्छता से जुड़ी सामग्री शामिल होगी। इसके अलावा जरूरत के अनुसार पेयजल और अन्य आवश्यक संसाधनों की भी व्यवस्था की जाएगी।
एडीएम ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ आने से पहले ही राहत सामग्री लाभार्थियों तक पहुंच जाए, ताकि आपदा के शुरुआती दौर में लोगों को आवश्यक वस्तुओं के लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने बताया कि राहत वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखा जाएगा।
उन्होंने बताया कि राजस्व, आपदा प्रबंधन, ग्राम पंचायत और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें बाढ़ संभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे। समय रहते तैयारी पूरी होने से बाढ़ प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।