बलरामपुर। जमानतदार के अभाव में जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों की रिहाई में देरी नहीं होना चाहिए। इसके लिए नियमों के दायरे में रहकर प्राथमिकता पर उचित कार्रवाई की जाए। यह सुझाव जिला जज अनिल कुमार झा, डीएम अरविंद सिंह व एसपी केशव कुमार की अगुवाई में जेल के निरीक्षण पर पहुंची न्यायिक व प्रशासनिक अफसरों की टीम ने दिया।
त्रैमासिक निरीक्षण के तहत टीम ने जेल में परोसे जाने वाले भोजन वितरण कार्य की गुणवत्ता को परखने के साथ ही पुरुष बैरक संख्या 5 से 12 तक का निरीक्षण भी किया। इसमें जेल में बंद बंदियों से उनके मुकदमों के साथ ही जेल में सामने आने वाली समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली गई। टीम के सदस्यों ने कारागार के चिकित्सालय में भर्ती बंदियों के स्वास्थ्य व उपचार के बारे में भी पूछा।
महिला बैरक के बंदियों से मुकदमों के साथ उनके बच्चों को मानक के अनुसार मिलने वाले पौष्टिक आहार व दूध के बारे में जानकारी लेते हुए टीम ने कारागार की साफ-सफाई भी परखी। जिला जज व डीएम ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था के चाकचौबंद रखने के साथ ही संदिग्ध व शातिर बंदियों की विशेष निगरानी का भी निर्देश दिया। इस मौके पर जेल अधीक्षक आरके सिंह, शैलेश कुमार सिंह सोनकर, निर्भय सिंह, जन्मेजय सिंह व धीरेंद्र यादव सहित अन्य जेल कर्मी भी मौजूद रहे।