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Balrampur News: शक के चलते टूटा रिश्ता, समझाने पर माने

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बलरामपुर के एसपी कार्यालय में आयोजित परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में मौजूद लोग।-संवाद
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बलरामपुर। शक के चलते पति-पत्नी के बीच रिश्ता टूट रहा था। परामर्शदाताओं के समझाने पर दोनों मान गए और परामर्श केंद्र से दोनों को एक साथ विदा किया गया। पति-पत्नी के बीच विवाद सुलझाने के लिए महिला थाना सभागार में रविवार को सुनवाई हुई। परामर्शदाताओं के समझाने-बुझाने के बाद पांच परिवार एक साथ रहने को राजी हो गए।
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परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में 20 शिकायतों के आधार पर दोनों पक्ष बुलाए गए। आठ मामलों में दोनों पक्ष सुनवाई के लिए उपस्थित हुए। आपसी सुलह-समझौते के आधार पर पांच मामले निस्तारित करा दिए गए। ललिया क्षेत्र के एक गांव में शक के चलते पति-पत्नी के बीच रिश्ता टूटने लगा। मामला परामर्श केंद्र पर पहुंचा तो परामर्शदाताओं ने दोनों को समझाया-बुझाया। इसके बाद पति-पत्नी एक साथ रहने के लिए राजी हो गए। दोनों को एक साथ परामर्श केंद्र से विदा कर दिया गया।
गौरा चौराहा क्षेत्र के गांव एक मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते निस्तारित कर दिया गया। हरैया क्षेत्र के एक गांव में पति-पत्नी ने तलाक के लिए न्यायालय में अर्जी दी थी। इसी के चलते इनका मामला निस्तारित कर दिया गया। ललिया क्षेत्र से एक मामला आया, जिसमें पुणे में मुकदमा दर्ज था। दहेज उत्पीड़न में 16 अक्तूबर को पत्नी की हत्या पुणे में हो गई थी। पुणे में 18 अक्तूबर को केस दर्ज किया गया। इसी के चलते परामर्श केंद्र से मामला निस्तारित कर दिया गया। रेहरा बाजार क्षेत्र के एक गांव में पति-पत्नी के बीच विवाद समझाने पर खत्म हो गया। परामर्शदाता अरुण कुमार यादव, वंदना मिश्रा व देवतादीन दुबे ने झगड़ा न करने की सलाह दी। महिला थाना प्रभारी पूनम यादव व महिला सिपाही ज्योति ने पति-पत्नी को मिल-जुलकर रहने के तौर-तरीके बताए।
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फिर बुलाए जाएंगे 15 मामलों के दोनों पक्ष

जिन 15 मामलों में पति-पत्नी के बीच समझौता नहीं हाे सका है, उन्हें अब अगली सुनवाई में बुलाया जाएगा। कुछ मामलों में दूसरे पक्ष से जुड़े लोग नहीं आए थे, उन्हें भी बुलाने के लिए संबंधित थानों को सूचना दी गई है। आठ मामलों में दोनों पक्ष आए, जिनमें पांच का मौके पर समझौता हो गया है। दोनों पक्षों की लिखापढ़ी करा ली गई है। 15 दिन में परिवारों की खैरियत भी महिला थाने से जानी जाएगी, जिससे इनके बीच दोबारा विवाद न होने पाए।
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- विशाल पांडेय, एएसपी
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