फोटो-19-बलरामपुर के प्राथमिक विद्यालय सिरसिया में पढ़ाई करते विद्यार्थी ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत जिले में कार्यरत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार से विद्यालयों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण प्रभावित हो रहा है। चिकित्सक अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी अनुपस्थिति के कारण कई विद्यालयों में स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंच रही है। ऐसे में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं हो पा रही है।
बलरामपुर, उतरौला सहित जिले के सभी ब्लॉकों में आरबीएसके टीम के चिकित्सक प्रदर्शन में शामिल हैं। महराजगंज तराई क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय भंभरी के प्रधानाध्यापक राजेश कुमार ने बताया कि जून से अब तक टीम स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विद्यालय नहीं आई है। यहां 481 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जबकि मंगलवार को 282 विद्यार्थी उपस्थित मिले।
शिक्षा क्षेत्र तुलसीपुर के प्राथमिक विद्यालय कौहरौड़ा के प्रधानाध्यापक अमित गुप्त ने बताया कि अप्रैल 2026 से टीम विद्यालय नहीं आई है। यहां 170 बच्चे पंजीकृत हैं और मंगलवार को 110 उपस्थित रहे। प्राथमिक विद्यालय हड़ैहिया के प्रधानाध्यापक राम प्रताप सिंह ने बताया कि तीन माह से आरबीएसके टीम ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया है। विद्यालय में 61 छात्र पंजीकृत हैं। प्राथमिक विद्यालय सिरसिया, हसनापुर और कंपोजिट विद्यालय कटकुइया में भी अक्तूबर में स्वास्थ्य टीम नहीं पहुंची।
उतरौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. सीपी सिंह और बलरामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जावेद अख्तर ने बताया कि चिकित्सकों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। आरबीएसके के नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि चिकित्सकों समेत कई एनएचएम कर्मी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। इससे कुछ समस्याएं आ रही हैं।
लखनऊ प्रदर्शन में पहुंचे जिलाध्यक्ष
एनएचएम कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अविनाश विक्रम सिंह भी मंगलवार को लखनऊ में प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। वह तीन दिनों से हाउस अरेस्ट थे। उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह पुलिस टीम उनके घर नहीं आई, जिसके बाद वह लखनऊ रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की लड़ाई लड़ना संगठन की प्राथमिकता है।
फोटो-19-बलरामपुर के प्राथमिक विद्यालय सिरसिया में पढ़ाई करते विद्यार्थी ।-स्रोत: विभाग