बलरामपुर। जिगना पॉवर हाउस में चूहा मर जाने से 34 ग्राम पंचायतों के 340 मजरों की बिजली आठ घंटे गुल रही। तीन दिनों से भारी बारिश व जलभराव के चलते जिले के 150 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति अभी भी ठप है। बिजली संकट से जिले की पांच लाख आबादी जूझ रही है।
श्रीदत्तगंज ब्लॉक के जिगना पॉवर हाउस में चूहा मर गया, जिसके चलते सोमवार को सुबह 8.30 बजे से बिजली गुल हो गई। क्षेत्रवासी रंजीत गुप्त, राधेश्याम व मोहम्मद इलियास का कहना है कि जिगना पॉवर हाउस से श्रीदत्तगंज, महदेइया व शुक्लागंज बाजार सहित 34 ग्राम पंचायतों के 340 मजरों में बिजली आपूर्ति की जाती है। रामपुर बगनहा, पटियालाग्रंट, गौरखास, त्रिलोकपुर व गुमड़ी सहित 340 गांवों की आठ घंटे बाद जिगना पॉवर हाउस से बिजली आपूर्ति बहाल कराई जा सकी है। एसडीओ रमेश मौर्य ने बताया कि चूहा इंटरनल कैंपस के अंदर था, जिसे निकलवाकर बिजली की गड़बड़ी ठीक कराई गई है। शाम 4.30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई है। तुलसीपुर व हरैया सतघरवा ब्लॉकों के 300 गांवों की बिजली 48 घंटे से गुल है। भारी बारिश के चलते बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो गई है।
तीन दिनों से रात अंधेरे में काट रही दो लाख आबादी
-गैड़ास बुजुर्ग विद्युत उपकेंद्र की दो लाख आबादी तीन दिनों से रात अंधेरे में काट रही है। क्षेत्रवासी कृष्ण मुरारी, कमलेश गुप्त व धर्मेंद्र ने बताया कि तीन दिनों से गांवों के लोग रात अंधेरे में काटने को मजबूर हैं। जेई आकाश रावत ने बताया कि तेज हवा व बारिश के कारण कई जगहों पर पोल टेढ़े हो गए हैं। इंसुलेटर भी जल गए है। महराजगंज तराई के 50 गांवों में 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। मंगल देव सिंह, निबरे, मेवालाल, मुबाकर, मोती, बुधई सिंह, जय बक्श सिंह व मेवालाल आदि ने बताया कि राप्ती नदी की बाढ़ से गांव घिरे हैं। उतरौला तहसील में 24 से अधिक गांवों में बिजली बाधित है। गैसड़ी ब्लॉक के 12 से अधिक गांवों में बिजली का संकट है।
बारिश व बाढ़ के चलते परेशानी
-जिले में भारी बारिश व बाढ़ के चलते ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति को लेकर समस्या आ रही है। इंजीनियरों व कर्मचारियों को तकनीकी खराबी दूर करके बिजली आपूर्ति बहाल कराने का निर्देश दिया गया है।
-राजेश कुमार, अधीक्षण अभियंता पॉवर कार्पोरेशन