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राष्ट्रीय लोक अदालत में चार हजार मामलों का निस्तारण

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बलरामपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। विभिन्न न्यायालयों ने 4211 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया। इस दौरान वादकारियों से 1,91,320 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है।
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राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता करते हुए जनपद न्यायाधीश एवं प्राधिकरण अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह प्रथम ने प्रकीर्ण सिविल के तीन वादों का निस्तारण किया। द्वितीय अपर न्यायाधीश राजमणि ने फौजदारी के एक वाद का निस्तारण किया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश जमशैद अली ने भरण-पोषण एवं वैवाहिक के 125 वादों का निस्तारण किया।
अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम द्रुतगामी न्यायालय विजय कुमार आजाद ने प्रकीर्ण सिविल के तीन वादों का निस्तारण किया। अपर जनपद न्यायाधीश द्वितीय द्रुतगामी न्यायालय अमित वर्मा ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के एक वाद का निस्तारण करते हुए 205000 रुपये का प्रतिकर प्रमाण पत्र जारी किया।
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मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट बलरामपुर नितेंद्र कुमार ने फौजदारी के 332 वादों का निस्तारण करते हुए 37840 रुपये अर्थदंड वसूल किया। सिविल जज सीनियर डिवीजन हरि प्रकाश गुप्ता ने 47 वादों का निस्तारण करते हुए 16,400 रुपये जुर्माना वसूला। सिविल जज सीनियर डिवीजन द्रुतगामी न्यायालय श्रीपाल सिंह ने फौजदारी के 56 वादों का निस्तारण करते हुए 5880 रुपये जुर्माना वसूला।
सिविल जज जूनियर डिवीजन बलरामपुर मोहित प्रसाद ने फौजदारी के 39 वादों का निस्तारण करते हुए 5600 रुपये अर्थदंड वसूल किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन उतरौला आशीष कुमार पांडेय ने फौजदारी के 314 वादों का निस्तारण करते हुए 1,25,600 रुपये जुर्माना वसूला।
तहसील विधिक सेवा समिति बलरामपुर द्वारा फौजदारी के 171 वाद, राजस्व के 455 वाद, प्रीलिटीगेशन स्तर के 2583 वाद एवं बैंक के 81 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर किया गया। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शिव कुमार तिवारी ने दी है।
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