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Balrampur News: बढ़ा राप्ती का जलस्तर, डरा रहा पहाड़ी नालों का उफान

Tue, 21 Jul 2026 10:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो-23-बलरामपुर के हरैया सतघरवा ​स्थित खैरहनिया नाले में आया उफान ।-संवाद
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बलरामपुर। जिले में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जबकि कई पहाड़ी नालों में भी तेज बहाव शुरू हो गया है। फिलहाल किसी गांव में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन नदी और नालों के किनारे बसे ग्रामीण सतर्क हो गए हैं। प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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ललिया क्षेत्र में राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। गंगाबख्श भांगड़, चौका कला, लालपुर फगुईया, गोसाई पुरवा, साहिबा नगर और चेतरा पुरवा जैसे गांव हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रही तो नदी उफान पर आ सकती है। इससे खेतों में जलभराव, संपर्क मार्गों के डूबने और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। कई परिवारों ने एहतियातन आवश्यक सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है।

हरैया सतघरवा विकासखंड के उदईपुर खैरनिया के पास स्थित खैरहनिया पहाड़ी नाला मंगलवार सुबह उफान पर आ गया। इसके चलते भुजेहरा, खैरहनिया, गंजड़ी, नरायनापुर, नबीनगर, धनौढ़ा, सर्रा, वेदनगर, गनवरिया और पूरनपुर समेत करीब दो दर्जन गांवों का ब्लॉक मुख्यालय, अस्पताल, बैंक और स्कूल से संपर्क प्रभावित हो गया। ग्रामीण अरुण कुमार मिश्र, रामनिवास यादव, विजय कुमार सिंह, अजय कुमार, चंद्र प्रकाश, कृष्ण कुमार वर्मा, कृष्ण बिहारी, सत्येंद्र कुमार और सलाहुद्दीन ने बताया कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है। मंगलवार को तेज बहाव के कारण कई बच्चे स्कूल भी नहीं जा सके।
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वहीं, महराजगंज तराई क्षेत्र से फिलहाल राहत की खबर है। यहां खरझार पहाड़ी नाले का जलस्तर सामान्य हो गया है और बाढ़ का पानी अभी गांवों तक नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोग हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

214 बाढ़ प्रभावित गांवों के 13,500 पशुओं का हुआ टीकाकरण

फोटो-26

- संभावित बाढ़ से पहले पशुपालन विभाग ने गोआश्रय स्थलों के लिए तैयार की कार्ययोजना

संवाद न्यूज एजेंसी

बलरामपुर। संभावित बाढ़ के दौरान पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए पशुपालन विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि विभाग की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं और सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उन्होंने बताया कि जिले के 214 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में 15,800 पशुओं के सापेक्ष 182 गांवों के 13,500 पशुओं का टीकाकरण एवं कृमिनाशक दवा पिलाने का कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष गांवों में भी अभियान जारी है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले की 32 बाढ़ चौकियों पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है, ताकि बाढ़ आने पर पशुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

पशुओं के सुरक्षित विस्थापन के लिए पकड़ी, नौबस्ता, इटई, मनकी, सिसई, तुरकौलिया, कैली तथा नगर पालिका उतरौला के गोआश्रय स्थलों को चिह्नित किया गया है। इन स्थलों पर कुल 964 गोवंश को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर पकड़ी में कृषि विभाग के शेड, नौबस्ता में मुख्य मार्ग के किनारे, इटई में गांव के बाहर ऊंचे स्थान, मनकी में जल निगम के वाटर टैंक परिसर, सिसई में मुख्य मार्ग, तुरकौलिया में पोखरे के समीप ऊंचे स्थान, कैली में नहर किनारे बने ऊंचे टीले तथा नगर पालिका उतरौला क्षेत्र में पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी के निर्माणाधीन विद्यालय परिसर में पशुओं को सुरक्षित रखा जाएगा।

फोटो-23-बलरामपुर के हरैया सतघरवा स्थित खैरहनिया नाले में आया उफान ।-संवाद

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