बलरामपुर के दतरंगवा डिप पर पानी भर जाने से बच्चे को कंधे पर बैठाकर ले जाता परिजन।
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बलरामपुर। दो दिन पूर्व भारी बारिश के बाद राप्ती नदी के जलस्तर में भारी उछाल आया है। लाल निशान छूने को राप्ती नदी बेताब दिख रही है। नदी का जलस्तर चेेतावनी बिंदु से शुक्रवार को 26 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है।
कई क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग पर बाढ़ का पानी भरने से आवागमन ठप हो गया। कोड़री घाट का एप्रोच धंसने से भी आवागमन प्रभावित हो गया है। बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन की तरफ से भी कवायद तेज कर दी गई है।
दो दिन पूर्व हुई जिले में भारी बारिश से राप्ती नदी में बाढ़ का पानी उफान मारने लगा है। मिली जानकारी के अनुसार राप्ती नदी चेेतावनी बिंदु 103.620 मीटर से 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। शुक्रवार को राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 103.880 मीटर ऊपर बह रहा है। सिसई घाट पर बने खतरे का निशान 104.620 मीटर है।
नदी खतरे के निशान से अभी 74 सेंटीमीटर नीचे है। राप्ती नदी का जल स्तर अभी भी बढ़ रहा है। जल स्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बसे गांव के लोगों को बाढ़ की आशंका सताने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी रफ्तार से राप्ती नदी बढ़ती रही तो अगले 24 घंटे में कई गांव जलमग्न हो जाएंगे। बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव के लोगों ने प्रशासन से मदद मुहैया कराने की मांग की है।
गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग के दतरंगवा डिप पर बाढ़ का पानी बह रहा है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि सुरक्षा के लिए प्रशासन की तरफ से अभी तक दतरंगवा डिप पर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए है।
सदर एसडीएम डॉ. नागेंद्र नाथ यादव ने बताया कि उन्होंने कोड़री घाट पुल के एप्रोच व राप्ती नदी के बाढ़ से प्रभावित गांवों का भ्रमण किया है। एप्रोच को दुरुस्त कराने का संबंधित विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है। बोरियों में बालू भरकर एप्रोच पर लगाया गया है। कोड़री घाट पुल पर आवागमन बहाल करा दिया गया है।