फोटो-27-बलरामपुर में कराया गया नहर का निर्माण ।-स्रोत : विभाग
बलरामपुर। जिले में बाढ़-कटान से बचाव और किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जल प्रबंधन के कार्यों को गति दी गई है। राप्ती और बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे कराए गए सुरक्षात्मक कार्यों से 60 से अधिक गांवों, 63 हजार से अधिक आबादी और करीब 43,200 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत हुई है।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बताया कि बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई और जल संरक्षण को एकीकृत करते हुए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। चित्तौड़गढ़ जलाशय, गिरगिटही बांध नहर प्रणाली और बघेलखण्ड बांध के पुनर्वास कार्य 100 प्रतिशत पूरे हो चुके हैं। प्रेमपुर और हल्लौरा रजवाहा की लाइनिंग भी पूरी कर ली गई है, जबकि भुजेहरा रजवाहा में 600 मीटर हिस्से की लाइनिंग कराई गई है।
खरीफ सीजन में राप्ती मुख्य नहर, महादेव माइनर और बनकटवा रजवाहा के टेल तक पानी पहुंचाया गया। प्रेमनगर और बनकटवा कलां के तालाब भी नहर के पानी से भरे गए हैं।
बाढ़ सुरक्षा के लिए चोकाकला-मधवापुर में 350.56 लाख रुपये और कोड़रवा के पास बलरामपुर-भदिया तटबंध पर 668.04 लाख रुपये के कार्य पूरे किए गए हैं। भोजपुर-शाहपुर, बेलहा-चरनघहिया और करमहना-भोजपुर तटबंधों पर भी क्रमश: 774.80 लाख, 567.05 लाख और 246.11 लाख रुपये के सुरक्षात्मक कार्य पूरे हो चुके हैं।
कोड़रीघाट में राप्ती के दबाव के दौरान कटान की आशंका को देखते हुए तत्काल फ्लड फाइटिंग कर तटबंध को सुरक्षित किया गया।