बलरामपुर। लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों ने दिल खोलकर रकम खर्च की है। भाजपा प्रत्याशी को जहां सबसे अधिक रुपया खर्च करने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा, वहीं सपा प्रत्याशी ने कम खर्च करके भी जीत हासिल कर ली। भाजपा प्रत्याशी ने प्रति वोट पर करीब 9 रुपया 42 पैसे खर्च किए हैं, सपा प्रत्याशी ने 3.42 पैसे खर्च किया है। निर्दल व छोटे दलों के प्रत्याशियों ने एक लाख रुपये का आंकड़ा भी नहीं छू सके हैं।
भाजपा प्रत्याशी साकेत मिश्र ने 22 मई तक चुनाव प्रचार में 40 लाख 92 हजार रुपये खर्च किया है। लोकसभा चुनाव में साकेत को चार लाख 34 हजार 382 मत मिले हैं। इस हिसाब से उन्होंने एक वोट के पीछे 9 रुपये 42 पैसे खर्च किए हैं। सपा के राम शिरोमणि वर्मा ने भी 17 लाख 51 हजार 424 रुपये खर्च किया है। चुनाव में उन्हें 5 लाख 11 हजार 55 वोट मिले हैं। उन्होंने एक वोट के बदले 3 रुपये 42 पैसे खर्च किए हैं। बसपा के प्रत्याशी मैनुद्दीन अहमद उर्फ दद्दन खां ने चुनाव प्रचार पर 15 लाख 64 हजार 609 रुपये खर्च किया किया। उन्हें प्रति वोट पर 27 रुपये 81 पैसे खर्च किए हैं। -संवाद
एक लाख का आंकड़ा भी नहीं छू सके दल व निर्दल
पीस पार्टी के प्रत्याशी अहमद जिया खान ने 62 हजार 830 रुपये, आरजेपी की प्रत्याशी गीता गौतम ने 19 हजार 540 रुपये, सम्यक पार्टी के कृष्ण कुमार ने 46 हजार रुपये, एजेपी इंडिया के युगल किशोर शुक्ल ने 30 हजार 377 रुपये, केएमएस पार्टी के हनुमान प्रसाद मिश्र ने 88 हजार 720 रुपये, निर्दलीय अनिल कुमार तिवारी ने 37 हजार 916 रुपये, शांति देवी ने 15 हजार 100 रुपये, मालिक राम ने 26 हजार 350 रुपये व सुजीत कुमार ने 91 हजार 850 रुपये का खर्च किए हैं।
30 जून को होगी समीक्षा
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर व्यय प्रेक्षक की सहमति से प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की समीक्षा के लिए 14 मई, 18 मई व 22 मई को तिथि निर्धारित की गई थी। अब काउंटिंग के बाद 26वें दिन 30 जून को प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की समीक्षा की जाएगी। बैठक में चुनाव खर्च का ब्योरा न देने वाले प्रत्याशियों पर कार्रवाई तय की जाएगी।
-अरविंद सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम