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Balrampur News: मूड भांपे बिना ही हवा में तीर चलाती रही भाजपा

Wed, 05 Jun 2024 10:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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बलरामपुर। भाजपा को जिस श्रावस्ती संसदीय सीट काे लेकर इतरा रही थी, वहीं वह जनता का मूड नहीं भांप सकी। पूरे चुनावी अभियान में हिंदू- मुस्लिम का माहौल बनाने के लिए जुबानी जंग तेज रखी, वह हवा में ही रह गया। जनता के गले के नीचे भाजपा नेताओं की बातें नहीं उतर सकीं। जबकि सपा मुखिया संविधान बचाओ और अग्निवीर जैसे मुद्दों पर कामयाब रहे। जिससे को जिस तरह शिकस्त मिली है वह काफी बड़ा संदेश दे गया। परिणाम ऐसा आया कि प्रत्याशी से ज्यादा मौजूदा दोनों विधायकों के माथे पर सिकन दिख रही है। वहीं संगठन भी अलग- थलग पड़ गया है। जितने मुंह उतनी बातें सुनने को मिल रही है।
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मंगलवार को मतगणना के बाद आए परिणाम ने भाजपा नेताओं को जवाब नहीं सूझ रहा है। सभी खामोशी साधने की रणनीति बनाई है। चुनाव के दौरान पीएम- सीएम के दौरों के साथ ही मंत्रियों के दौरों पर मंच पर स्थान की होड़ रही, लेकिन मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने का जोर नहीं लगा सके। प्रत्याशी साकेत मिश्र के पक्ष में हुई रैलियों में हुई बड़ी - बड़ी बातें ताली के शोर तक ही सीमित रही। सबसे अहम बात तो यह रही किसी भी विधायक की ओर से किए गए प्रयासों का असर भी चुनाव में नहीं दिखा। ऐसा तब है जब तीनों विधायक दोबार अपने क्षेत्र के विधायक हैं। भिनगा में रामफेरन पांडेय, बलरामपुर सदर पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल दूसरी बार एक ही क्षेत्र से निर्वाचित हैं और वह अपने क्षेत्र के मतदाताओं को सहेज ही नहीं सके। अब भाजपा क्षेत्रवार समीक्षा करेगी। जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह कहते हैं कि परिणाम की पड़ताल की जा रही है। इस तरह परिणाम से भाजपा में घमासान मचा है। - संवाद

भाजपा में नेताओं की कमी नहीं, पर नहीं कर सके कमाल
- श्रावस्ती संसदीय सीट में बलरामपुर सदर, तुलसीपुर व श्रावस्ती में भाजपा के विधायक हैं। वहीं भिनगा में सपा व गैसड़ी में डॉ. एसपी यादव जीते थे, जिनका निधन हो चुका है और अब उनके बेटे राकेश यादव जीते हैं। बलरामपुर सदर में भाजपा ने लोकसभा चुनाव 2019 में सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी को 28 हजार 355 मतों से पिछड़ा था वहीं इस बार मात्र 559 मत ही आगे निकल पाई। इसी तरह तुलसीपुर में भाजपा ने 6703 मतों से प्रतिद्वंदी को हराया था, वहीं इस बार 15 हजार 606 मतों से स्वयं हार गई। श्रावस्ती में भी भाजपा ने इस बार जनता को अपना विश्वास नहीं दिला सकी। 2019 में भाजपा 14 हजार 967 मतों से हार का सामना करना पड़ था वहीं इस बार 22 हजार 973 मतों से हार का सामना करना पड़ा। पार्टी में नेताओं की कमी नहीं है, लेकिन इस बार के चुनाव में वह लाेग कोई कमाल नहीं कर सके।
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नहीं चला मोदी- योगी का जादू
श्रावस्ती संसदीय सीट को जीतने के लिए मोदी-योगी से लेकर दो-दो प्रदेशों के मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री व पार्टी के उच्चापदाधिकारियों ने लगातार क्षेत्र का दौरा किया। एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चुनावी सभा हुआ। इसके अलावा डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, जल शक्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अनुप्रिया पटेल, राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल की सभाएं भी हुईं। इसके अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर तमाम पदाधिकारी लगातार जनता के बीच आते रहे, लेकिन वह भी विश्वास हासिल नहीं कर सके।
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श्रावस्ती संसदीय सीट में 2024 में विधानसभा वार मिले मत
विधानसभा - सपा - भाजपा
भिनगा - 106781 - 89,780
श्रावस्ती - 123077 - 100104
तुलसीपुर - 94375 - 78769
गैसड़ी - 94346 - 72805
बलरामपुर - 92175 - 92734
योग - 511055 - 434382
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