बलरामपुर। ग्राम पंचायतों में तैनात पंचायत सहायकों ने अपने हक की आवाज बुलंद करते हुए नारेबाजी के साथ पैदल मार्च निकाला। आंदोलित कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में डीएम को संबोधित एक ज्ञापन भी मौजूद एसडीएम को सौंपा। इसमें प्रमुख तौर पर गैर विभागीय कार्य न कराने, मानदेय बढ़ाने व अनुबंध प्रक्रिया को समाप्त करने की मांगे शामिल थी।
जिले के नौ विकासखंडों में तैनात पंचायत सहायक अपना विरोध जताने के लिए बृहस्पतिवार को सुबह से ही सदर ब्लॉक कार्यालय पर एकत्रित होना शुरू हो गए थे। पंचायत सहायक अपना विरोध जताने के लिए पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच कर विरोध सभा में तब्दील हो गया। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए पंचायत सहायक यूनियन की जिला पदाधिकारी शिवानी गिरि ने बताया कि पंचायत सहायक पंचायती राज विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में तैनात हुए है। जबकि इन्हें जिम्मेदारी पंचायत भवन के संचालन की सौंपी गई है। आरोप लगाया कि विभागीय अफसरों की उपेक्षा के चलते पंचायत सहायकों से गैर विभागीय कार्य कराकर शोषण किया जा रहा है। ऐसे गैर विभागीय कार्यों के लिए अलग से कोई मानदेय भी नहीं दिया जाता है।
ब्लॉक अध्यक्ष कन्हैया जायसवाल, दिनेश, पीयूष, शुभम सैनी, संजय, पुनीत व राहुल ने कहा कि अब पंचायत सहायकों की ड्यूटी ई-क्राप सर्वे में लगा दी गई है। जबकि ई-क्राप सर्वे के लिए खेतों का नक्शा इत्यादि समझने की जानकारी जरूरी होती है। इतना ही नहीं ई-क्राप सर्वे के लिए महिला पंचायत सहायकों का खेतों में जाना व्यवहारिक भी नहीं होगा। धरना प्रदर्शन की समाप्ति से पूर्व प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने अपनी मांगों का डीएम को संबोधित ज्ञापन भी मौके पर मौजूद एसडीएम संतोष कुमार ओझा को सौंपा।