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Balrampur News: बिना लाइसेंस अस्पताल चला रहे थे झोलाछाप, दो सील

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बलरामपुर। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को अवैध रूप से संचालित दो निजी अस्पतालों पर छापा मारा। जांच में बिना लाइसेंस संचालन की पुष्टि होने पर दोनों को सील कर दिया गया। निजी अस्पतालों से लाखों की दवाएं भी बरामद हुई हैं, जिनकी जांच विभाग ने शुरू कर दी है।
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एसीएमओ संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हरैया सतघरवा क्षेत्र के महमूदनगर बाजार में कार्रवाई की। यहां छोलाछाप हरिशंकर और फारूक अस्पताल का संचालन कर रहे थे। जांच में सामने आया कि हरिशंकर डी फार्मा प्रथम वर्ष का विद्यार्थी है, जिसके पास न तो डिग्री है और न ही प्राइवेट प्रैक्टिस की अनुमति। इसके बावजूद वह डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज कर रहा था।
वहीं फारूक के पास भी किसी तरह का डिप्लोमा या मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं थी। इसके बावजूद उसने छह बेड का मिनी अस्पताल बना रखा था। दोनों अस्पतालों से कई नामी कंपनियों की लाखों रुपये की दवाइयां बरामद हुईं। स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की जान के लिए गंभीर खतरा बताते हुए तुरंत अस्पतालों को सील कर दिया। दोनों संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विधिक कार्रवाई भी की तैयारी की जा रही है। इस दौरान तुलसीपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. विकल्प मिश्र और पटल सहायक राजेश हंस मौजूद रहे।
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पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
जिले में बीते कुछ महीनों में स्वास्थ्य विभाग लगातार ऐसे फर्जी अस्पतालों और क्लीनिक पर शिकंजा कस रहा है। हाल ही में उतरौला, तुलसीपुर और गैसड़ी क्षेत्र में बिना लाइसेंस संचालित अस्पताल और झोलाछाप पर कार्रवाई की गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। किसी भी कीमत पर मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
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